Red Sea: सऊदी अरब के तेल टैंकर पर हूती विद्रोहियों का हमला, आठवीं घटना के बाद बढ़ी टेंशन

लाल सागर के पास एक बार फिर से तनाव गहरा गया है, जहाँ 5 अगस्त 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक और तेल टैंकर को निशाना बनाने का दावा किया है। यह हमला सऊदी अरब के तटीय शहर Yanbu के पास हुआ है, जहाँ एक बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए टैंकर पर वार किया गया। हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की पुष्टि की है और इसे सऊदी से जुड़ी शिपिंग कंपनियों के खिलाफ शुरू की गई अपनी मुहिम का हिस्सा बताया है।
हूती का समुद्री नाकाबंदी और बढ़ता खतरा
हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के बंदरगाहों के लिए एक नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी। उनका कहना है कि यह कदम सना (Sanaa) एयरपोर्ट पर सऊदी हवाई हमलों और यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों पर लगाई गई पाबंदियों के जवाब में उठाया गया है। समूह के दावों के अनुसार, 1 अगस्त 2026 तक कुल आठ सऊदी तेल टैंकरों को Bab al-Mandab Strait के रास्ते से वापस मोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। यह लगातार बढ़ते हमले समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता और गठबंधन
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सऊदी अरब और 13 अन्य देशों ने मिलकर एक बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन बनाया है। इसका मुख्य उद्देश्य बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखना है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने तथा समुद्री सुरक्षा पर यूएन के नियमों का पालन करने की अपील की है।
राजनयिक कोशिशें और सुरक्षा का माहौल
मौजूदा हालात में सऊदी अरब ओमान के माध्यम से राजनयिक बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही, हूती विद्रोही अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से सभी प्रकार के व्यापारिक और मानवीय आवाजाही पर लगी पाबंदियों को पूरी तरह हटाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इन हमलों के कारण लाल सागर से होने वाला सामान्य शिपिंग ट्रैफिक अभी तक बहाल नहीं हो सका है और क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच हमलों को रोकने पर सहमति के बावजूद, हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे इस क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए भी चुनौतियां बढ़ गई हैं।