यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ज़रूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सऊदी अरब ने एक ईरानी यात्री विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोकने की कोशिश की। इस घटना के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
क्या है पूरा मामला
3 जुलाई 2026 को सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ईरानी नागरिक विमान Mahan Air flight IRM1198 उतरने की कोशिश कर रहा था। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Sarea ने बताया कि सुबह करीब 5:20 बजे सऊदी युद्धक विमानों ने इस फ्लाइट को रोकने की कोशिश की। हालांकि, यह विमान सफलतापूर्वक लैंड कर गया और इसमें 200 से ज़्यादा यमनी नागरिक, घायल लोग और मरीज़ सवार थे। इसके बाद यह विमान तेहरान के लिए रवाना हुआ, जिसमें हूती अधिकारियों का एक दल ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था।
हूती विद्रोहियों की चेतावनी
इस घटना के बाद Yahya Sarea ने सऊदी अरब को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सऊदी गठबंधन ने यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना बंद नहीं किया, तो हूती बल सऊदी हवाई अड्डों और ज़मीन व समुद्र में मौजूद उनके ज़रूरी ठिकानों पर बड़ा हमला करेंगे। हूतियों ने साफ किया कि सना और तेहरान के बीच उड़ानें जारी रहेंगी और वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
सऊदी अरब और यमन काउंसिल का जवाब
दूसरी तरफ, सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता Turki al-Malki ने 4 जुलाई को बयान जारी कर इन धमकियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही केवल ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि लोग उनके द्वारा यमनी जनता पर किए गए जुल्मों को भूल जाएं। अल-मल्की ने चेतावनी दी कि सऊदी अरब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा।
यमन की Presidential Leadership Council ने भी 3 जुलाई को एक आपातकालीन बैठक की। काउंसिल ने ईरानी फ्लाइट को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने यूनाइटेड नेशंस से अपील की कि वह ईरान के खिलाफ सिर्फ निंदा न करे, बल्कि सख्त कदम उठाए।
