सऊदी अरब और रेड सी में समुद्री व्यापार को लेकर हूती विद्रोहियों ने धमकी दी है, जिसके बाद पूरी दुनिया ने उनकी कड़ी निंदा की है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ एक तथाकथित समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। हूती मिलिशिया ने शिपिंग कंपनियों को ईमेल भेजकर उन जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है जो सऊदी बंदरगाहों पर माल लोड या अनलोड करेंगे।
सऊदी सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी कैबिनेट ने 21 जुलाई को किंग सलमान की अध्यक्षता में इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सऊदी अरब ने देश की सुरक्षा और समुद्री रास्ते की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया है। इसके अलावा सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी हूती के इस कदम का कड़ा जवाब देने की बात कही है। इस मुद्दे पर GCC, UAE, OIC और अरब संसद ने सऊदी अरब का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताते हुए सुरक्षा परिषद के Resolution 2722 (2024) का पालन करने की अपील की है।
अन्य देशों की चेतावनी और प्रभाव
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 22 जुलाई को साफ शब्दों में कहा है कि अगर किसी पाकिस्तानी जहाज या समुद्री हित पर हमला हुआ, तो उसे अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा और पाकिस्तान आत्मरक्षा में बल प्रयोग करने का हक रखता है। सूडान ने भी क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता जताते हुए सऊदी अरब के प्रति एकजुटता दिखाई है। इन धमकियों का असर तुरंत रेड सी में देखने को मिला है, जहां कई जहाजों ने अपनी दिशा बदल ली है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे सऊदी अरब की क्षेत्रीय भूमिका को कमजोर करने की एक नाकाम कोशिश मान रहा है।
