यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को खुली चेतावनी दी है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने कहा है कि अगर सऊदी अरब ने यमनी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया या हमला किया, तो वे सऊदी हवाई अड्डों और ज़मीन व समुद्र में मौजूद ज़रूरी ठिकानों पर बड़ा हमला करेंगे।

यह पूरा मामला एक ईरानी विमान को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि 3 जुलाई 2026 को एक ईरानी नागरिक विमान Sana’a International Airport पर उतरने वाला था। इस विमान में 200 से ज़्यादा यात्री सवार थे, जिनमें घायल और फंसे हुए लोग शामिल थे। हूतियों का आरोप है कि सऊदी के लड़ाकू विमानों ने इस प्लेन को उतरने से रोकने की कोशिश की।

हूती बयान के मुताबिक, उनकी एयर डिफेंस मिसाइलों ने सऊदी विमानों का सामना किया, जिससे वे पीछे हटने पर मजबूर हो गए। इसके बाद ईरानी विमान सुरक्षित रूप से सना हवाई अड्डे पर उतर गया। हूतियों ने कहा है कि वे सना और तेहरान के बीच उड़ानों को जारी रखेंगे ताकि पिछले 11 सालों से हवाई अड्डे पर लगी नाकेबंदी को खत्म किया जा सके।

वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki al-Maliki ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, लेकिन 3 जुलाई को उनकी तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया।

इससे पहले दिसंबर 2025 में Major General Turki al-Maliki ने शांति बनाए रखने की बात कही थी। उस समय उन्होंने केवल उन हथियारों और वाहनों पर हमला किया था जो Mukalla Port के ज़रिए Southern Transitional Council (STC) की मदद के लिए लाए गए थे। जून 2026 में भी उन्होंने एक मिसाइल के रास्ते से भटकने की जानकारी दी थी और साफ किया था कि सऊदी बेस पर कोई हमला नहीं हुआ था।