यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई 2026 को जारी इस सूचना में कहा गया है कि सऊदी बंदरगाहों पर माल उतारने या लादने वाले जहाजों को हूतियों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इसे सऊदी अरब द्वारा यमन पर लगाए गए घेरेबंदी का जवाब बताया है।
ℹ️: GCC का बड़ा बयान: सऊदी अरब पर लगाए गए हुती विद्रोहियों के आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद।
सऊदी अरब का सख्त रुख
सऊदी अरब ने हूतियों के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने इस धमकी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और समुद्री डकैती करार दिया है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समुद्री सुरक्षा पर असर
इस तनाव के बाद समुद्री सुरक्षा फर्म Ambrey ने चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब सऊदी अरब के लाल सागर बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले जहाजों पर हमले का खतरा बढ़ गया है। समुद्री सुरक्षा के मद्देनजर सऊदी गठबंधन ने Bab el-Mandeb Strait में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। यह स्थिति पूरे क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता पैदा कर रही है।
