यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। हूतियों का कहना है कि अगर इनमें से किसी भी देश ने इज़राइल की तरफ जाने वाली मिसाइलों को हवा में रोकने की कोशिश की, तो उन्हें इज़राइल का ही हिस्सा माना जाएगा। यह घोषणा 20 मार्च 2026 को की गई है। इस चेतावनी में ईरान और यमन की तरफ से दागी जाने वाली मिसाइलों का जिक्र किया गया है।

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हूतियों की चेतावनी में क्या कहा गया है?

हूतियों ने अरब देशों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे रेजिस्टेंस एक्सिस की मिसाइलों के रास्ते में न आएं। उनका मानना है कि जो भी देश इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करेगा, उसे इज़राइल से अलग नहीं माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बयान में यह भी कहा गया है कि चेतावनी देने के बाद अब किसी के पास कोई बहाना नहीं बचा है। यह घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है।

आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं। इस तरह की धमकियों और युद्ध जैसे हालात का सीधा असर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ता है। हालांकि अभी तक सऊदी अरब, यूएई या जॉर्डन की तरफ से इस धमकी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

  • Saudi Arabia और UAE: इन देशों की एयर डिफेंस प्रणालियां हमेशा अलर्ट पर रहती हैं।
  • Jordan: जॉर्डन की भौगोलिक स्थिति इज़राइल के करीब होने के कारण इसे भी चेतावनी में शामिल किया गया है।
  • Recent Update: 20 मार्च को यूएई ने एक ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी थी जिसका मलबा रास अल-खैमा के इलाके में गिरा था।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com