यमन के हूती विद्रोहियों ने दुनिया के सामने साफ कर दिया है कि वे इस क्षेत्रीय जंग में चुप नहीं बैठेंगे. हूतियों ने ऐलान किया है कि वे अब न्यूट्रल नहीं हैं और पूरी तरह से ईरान और लेबनान के साथ खड़े हैं. इस बड़े बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका है.

हूतियों ने ईरान और लेबनान के लिए क्या कहा?

हूती नेता Abdul-Malik al-Houthi ने साफ किया कि उनकी मूवमेंट अब न्यूट्रल नहीं है और वे जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं. हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने पुष्टि की कि उनके सैन्य ऑपरेशन ईरान और Hezbollah के साथ तालमेल बिठाकर किए जा रहे हैं. वहीं, हूती पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य Ali Al-Dailami ने कहा कि ईरान, लेबनान और फिलिस्तीन को उनका पूरा समर्थन है और वे हमलों का कड़ा जवाब देंगे.

क्षेत्रीय संघर्ष और मौजूदा हालात क्या हैं?

  • युद्ध की शुरुआत: यह बड़ा संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जिसमें अमेरिका, इजरायल, ईरान और उनके साथी शामिल हैं.
  • युद्धविराम: ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल 2026 से और हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच 16 अप्रैल 2026 से अस्थायी युद्धविराम लागू है.
  • ब्लॉकेड रूट: Strait of Hormuz के बंद होने और अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी (blockade) को लेकर काफी तनाव है.
  • नया नेतृत्व: 28 फरवरी को अली खामेनेई की मौत के बाद Mojtaba Khamenei ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने हैं जिन्होंने युद्ध के नुकसान की भरपाई की बात कही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

हूतियों ने न्यूट्रल न रहने का क्या मतलब बताया है?

इसका मतलब है कि हूती अब इस युद्ध में तटस्थ नहीं रहेंगे और वे ईरान और लेबनान का खुला समर्थन करते हुए सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

यह क्षेत्रीय युद्ध कब शुरू हुआ था?

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जिसमें अमेरिका, इजरायल, ईरान, हूती और हिजबुल्लाह जैसे समूह शामिल हैं.