खाड़ी देशों में रहने वाले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर रिपोर्ट सामने आई है। पड़ोसी देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का सीधा असर अब खाड़ी क्षेत्र के बच्चों पर पड़ने लगा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चे भले ही सीधे तौर पर युद्ध क्षेत्र में नहीं रह रहे हैं, लेकिन फिर भी वे इस अशांति से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। सोशल मीडिया, टीवी पर चल रही खबरों और घर के बड़ों के तनाव को देखकर बच्चों में मानसिक परेशानियां बढ़ रही हैं।

बच्चों में तनाव के कौन से बड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं?

खाड़ी क्षेत्र की प्रसिद्ध एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट Kira Nashed Hanna ने बताया कि बच्चों में मानसिक तनाव सबसे पहले उनके व्यवहार में दिखाई देता है। बच्चे अक्सर अपनी परेशानी को शब्दों में बयां नहीं कर पाते हैं। वे अचानक से गुमसुम हो जाते हैं, चिड़चिड़े हो जाते हैं या फिर बात-बात पर रोने लगते हैं। इसके अलावा नींद न आना, बार-बार पेट दर्द की शिकायत करना और माता-पिता से अत्यधिक चिपकना भी इसके बड़े लक्षण हैं। बच्चे बार-बार सुरक्षा को लेकर चिंतित करने वाले सवाल पूछने लगते हैं।

पड़ोसी देशों के युद्ध का खाड़ी के बच्चों पर क्यों हो रहा है असर?

बोस्टन यूनिवर्सिटी के चोबैनियन एंड एवेडिसियन स्कूल ऑफ मेडिसिन में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट Dr. Sandra Mattar ने युद्ध के मानसिक आघात पर गहरा अध्ययन किया है। उनके अनुसार, बच्चे अपने आसपास की परिस्थितियों को बहुत बारीकी से महसूस करते हैं। जब वे बड़ों को चिंतित देखते हैं या इंटरनेट पर युद्ध की तस्वीरें और वीडियो देखते हैं, तो उनके मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है। यह स्थिति उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करती है और वे खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।

इस गंभीर स्थिति में माता-पिता को क्या करना चाहिए?

मनोवैज्ञानिकों ने इस अदृश्य संकट से बच्चों को बचाने के लिए माता-पिता को कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की सलाह दी है।

  • बच्चों के सामने युद्ध और हिंसक घटनाओं पर ज्यादा चर्चा न करें।
  • बच्चों के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित करें ताकि वे हिंसक दृश्यों से दूर रहें।
  • अगर बच्चा कोई सवाल पूछता है, तो उसे शांत रहकर बहुत ही सरल शब्दों में समझाएं और उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाएं।
  • बच्चों के व्यवहार पर करीब से नजर रखें और जरूरत पड़ने पर किसी प्रोफेशनल डॉक्टर की मदद लें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या युद्ध क्षेत्र से दूर रहने वाले बच्चों को भी मानसिक तनाव हो सकता है?

हाँ, एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट Kira Nashed Hanna के अनुसार, बच्चे सोशल मीडिया, समाचारों और बड़ों के तनाव को देखकर मानसिक रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

बच्चों में तनाव और चिंता के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

बच्चों में तनाव के लक्षणों में नींद न आना, बिना किसी शारीरिक बीमारी के पेट में दर्द होना, अचानक चिड़चिड़ापन होना या बहुत शांत हो जाना शामिल है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.