Human Rights Watch (HRW) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के शुरुआती हफ्ते में ईरानी सेना ने Strait of Hormuz में जानबूझकर दो नागरिक व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ की श्रेणी में रखा है। इस घटना के बाद से समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ गया है और जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

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इन हमलों में किन जहाजों को निशाना बनाया गया और क्या नुकसान हुआ?

11 मार्च 2026 को हुए इन हमलों में कई जहाजों का नाम सामने आया है। थाईलैंड के झंडे वाले जहाज Mayuree Naree पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था। इस घटना के बाद ओमान की नौसेना ने 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन 3 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा One Majesty और Star Gwyneth जैसे जहाजों को भी इन हमलों से नुकसान पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के मुताबिक, मार्च महीने के दौरान अब तक लगभग 16 हमले हो चुके हैं जिनसे 17 कमर्शियल जहाजों को क्षति पहुंची है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तनाव का क्या असर पड़ रहा है?

इस संकट के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है। अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रॉड कूपर ने बताया कि Strait of Hormuz तकनीकी रूप से खुला तो है, लेकिन कंपनियां वहां से जहाज ले जाने में डर रही हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमले जारी रहे, तो वह इस रास्ते से तेल की एक बूंद भी नहीं जाने देगा। हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का आश्वासन दिया है।

संस्था या देश मुख्य जानकारी और बयान
Human Rights Watch नागरिक जहाजों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है
IMO Council ईरान की धमकियों और हमलों की कड़ी निंदा की
ओमान नेवी Mayuree Naree के 20 क्रू मेंबर्स को रेस्क्यू किया
भारत ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग का भरोसा दिया
नेपाल एक नेपाली नागरिक को ईरानी अधिकारियों ने हिरासत में लिया
अमेरिका ईरान पर हमलों को रोकने के लिए दबाव बनाया

आम आदमी और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव होगा?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। अगर यहाँ तनाव बढ़ता है और जहाजों का आना-जाना बंद होता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। साथ ही, जहाजों पर काम करने वाले क्रू मेंबर्स, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की होती है, उनकी जान को भी खतरा बना रहता है। फिलहाल संयुक्त राष्ट्र और कई बड़े देश ईरान से इन हमलों को रोकने की अपील कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.