हैदराबाद के आदिबातला इलाके में एक 18 साल के छात्र को NEET-UG की दोबारा परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से नकल करते हुए पकड़ा गया। छात्र ने वॉशरूम में फोन छिपाकर गूगल से जवाब ढूंढने की कोशिश की थी। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और छात्र हिरासत में है।
नकल के लिए बनाया था पूरा प्लान
यह घटना 21 जून 2026 को हैदराबाद के रघन्नागुडा स्थित एक सरकारी स्कूल में हुई। पुलिस के मुताबिक, छात्र ने इस पूरी घटना की प्लानिंग पहले से ही कर रखी थी। उसने सुबह करीब 7 बजे मोबाइल फोन को वॉशरूम के वेंटिलेटर के पास छिपा दिया था। इसके बाद सुबह 11 बजे उसने फोन निकालकर उसे एक ज़िप-लॉक कवर में रखा और फ्लश टैंक के अंदर छिपा दिया।
परीक्षा शुरू होने से पहले सुरक्षा जांच और फ्रिस्किंग के दो राउंड हुए थे, लेकिन छिपा हुआ फोन पकड़ा नहीं जा सका। परीक्षा के दौरान छात्र ने पेट दर्द का बहाना बनाकर वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी और वहां से फोन निकालकर Google Chrome के जरिए जवाब सर्च करने लगा।
ऐसे पकड़ा गया छात्र
जब छात्र काफी देर तक वॉशरूम से वापस नहीं आया, तो वहां मौजूद इनविजिलेटर को शक हुआ। जब स्टाफ ने अंदर जाकर देखा, तो छात्र मोबाइल फोन के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से फोन ज़ब्त कर लिया। जांच में पता चला कि फोन में केवल इंस्टाग्राम और गूगल क्रोम का इस्तेमाल हो रहा था। पूछताछ के दौरान छात्र ने अपनी गलती मान ली है।
सख्त कानून और सजा का प्रावधान
National Testing Agency (NTA) के नियमों के मुताबिक, परीक्षा हॉल में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का होना सख्त मना है। ऐसा करने पर उम्मीदवार को परीक्षा से बाहर किया जा सकता है और भविष्य की परीक्षाओं के लिए बैन किया जा सकता है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत केस दर्ज किया है। इस नए कानून के तहत नकल करने पर 3 से 5 साल तक की जेल हो सकती है। अगर मामला संगठित नकल का पाया जाता है, तो सजा 5 से 10 साल और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लग सकता है।
