अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर ने एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के बाद भी परमाणु मुद्दे बने रहेंगे। डायरेक्टर ने इस बात पर खास ज़ोर दिया है कि इन समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत के रास्ते पर लौटना बहुत ज़रूरी है। यह बयान वैश्विक सुरक्षा के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परमाणु मसलों पर IAEA डायरेक्टर की चेतावनी क्या है?

IAEA डायरेक्टर का कहना है कि युद्ध के मैदान में फैसले होने के बावजूद तकनीकी परमाणु मुद्दे बने रहते हैं। इन मुद्दों को हल करने के लिए विशेषज्ञ निगरानी और कूटनीतिक समझौतों की ज़रूरत होती है। उन्होंने साफ किया कि बातचीत की प्रक्रिया में देरी होने से वैश्विक सुरक्षा के लिए नए जोखिम पैदा हो सकते हैं। केवल सैन्य कार्रवाई से इन जटिल मसलों का समाधान नहीं निकल सकता।

शांति और सुरक्षा के लिए आगे क्या होगा?

संस्था अब दुनिया भर के देशों से यह अपील कर रही है कि वे फिर से बातचीत की मेज़ पर आएं। IAEA के मुताबिक शांति के लिए कुछ कदम उठाने होंगे:

  • पुराने समझौतों और नियमों को फिर से प्रभावी बनाने पर काम होगा।
  • परमाणु केंद्रों की स्थिति और सुरक्षा की जांच की जाएगी।
  • क्षेत्र में शांति के लिए कूटनीतिक चैनलों को सक्रिय किया जाएगा।

फिलहाल IAEA इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि युद्ध की समाप्ति के बाद एक मज़बूत बातचीत का फ्रेमवर्क तैयार रहना चाहिए ताकि परमाणु कार्यक्रम की निगरानी सुचारू रूप से चलती रहे। संस्था का मानना है कि कूटनीतिक वार्ता ही वह रास्ता है जिससे परमाणु खतरों को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.