ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दुनिया भर में जो एकजुटता दिखती थी, अब वह खत्म हो गई है। International Atomic Energy Agency (IAEA) के चीफ Rafael Grossi ने साफ कहा है कि ईरान के खिलाफ सामूहिक वैश्विक कार्रवाई का दौर अब पूरा हो चुका है। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है क्योंकि अब ईरान के मामले को देखने का तरीका बदलने वाला है।

📰: Israel-Lebanon War: लेबनान में ह़ेज़बोला के 1,000 ठिकानों को इसराइल ने किया तबाह, बच्चों के कमरे में मिले हथियार

IAEA चीफ ने क्या कहा और इसका क्या मतलब है?

IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने Council on Foreign Relations में बात करते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में ईरान को लेकर जो सहमति थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि 2016-2017 से पहले ईरान पर फैसले सबकी सहमति से लिए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आने वाले समय में दुनिया अब हर मामले को अलग-अलग और व्यावहारिक तरीके से देखेगी।

ईरान और दुनिया के बीच चल रही ताजा बातचीत

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक नाजुक युद्धविराम (ceasefire) चल रहा है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका अपनी नाकाबंदी खत्म करता है और युद्ध रोकता है, तो वह Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण छोड़ सकता है। साथ ही, परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को फिलहाल के लिए टालने की बात भी कही गई है।

परमाणु हथियार के दावों पर क्या है सच्चाई?

अमेरिका और इसराइल के अधिकारी बार-बार कह रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब है। हालांकि, IAEA चीफ Grossi ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि ईरान हथियार बना रहा है और इन दावों की और जांच होनी जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Rafael Grossi कौन हैं और उन्होंने क्या ऐलान किया?

वे IAEA के डायरेक्टर जनरल हैं। उन्होंने बताया कि ईरान के खिलाफ दुनिया की सामूहिक कार्रवाई अब खत्म हो गई है और सुरक्षा परिषद की पुरानी सहमति टूट चुकी है।

ईरान ने Strait of Hormuz को लेकर क्या प्रस्ताव दिया है?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि यदि अमेरिका युद्ध बंद करता है और नाकाबंदी हटाता है, तो वह Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण खत्म कर देगा।