ईरान के परमाणु केंद्रों की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA एक बार फिर वहां अपने इंस्पेक्टर भेजना चाहती है। हालांकि, तेहरान में राजनीतिक विरोध और राजनयिक विवादों की वजह से यह काम रुका हुआ है। अभी यह तय नहीं है कि जांच अधिकारी वहां कब तक पहुंच पाएंगे और उन्हें पूरी छूट मिलेगी या नहीं।
जांच को लेकर क्या है ताजा अपडेट
IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने 4 जुलाई 2026 को बताया कि ईरान के परमाणु केंद्रों तक पहुंच इस बात पर निर्भर करती है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कैसी चलती है। उन्होंने 3 जुलाई को यह भी साफ किया कि अभी तक निरीक्षकों को ईरान की साइटों में घुसने की अनुमति नहीं मिली है। एजेंसी ने मंजूरी मांगी थी, लेकिन तेहरान ने इसे नहीं दिया।
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का मानना है कि ईरान उन सभी बातों पर सहमत हो गया है जिनकी अमेरिका को जरूरत थी।
ईरान का सख्त रुख
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने 2 जुलाई को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि Fordow, Natanz और Isfahan जैसे केंद्रों पर जांच होगी। उन्होंने साफ कहा कि जिन परमाणु साइटों पर अमेरिका ने बमबारी की है, वहां जांच करने का IAEA को कोई हक नहीं है। फिलहाल सिर्फ Bushehr पावर प्लांट और Tehran रिएक्टर में ही जाने की अनुमति है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने भी कहा कि युद्ध से प्रभावित साइटों पर किसी भी इंस्पेक्टर को जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। उन्होंने Grossi से राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर अपने मुख्य काम पर ध्यान देने को कहा है।
विवाद की मुख्य वजहें
- प्रतिबंधों की शर्त: ईरान का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं हटते, वह पूरी जांच की इजाजत नहीं देगा।
- सुरक्षा का हवाला: ईरान के मुताबिक, बमबारी वाली जगहों पर रेडियोधर्मी कचरा और बिना फटे बम हो सकते हैं, जिससे इंस्पेक्टरों की जान को खतरा है।
- संप्रभुता और भरोसा: ईरान के अधिकारियों को शक है कि जांचकर्ताओं के पीछे अन्य राजनीतिक मकसद हो सकते हैं।
इससे पहले सितंबर 2025 में Cairo Agreement हुआ था ताकि जांच शुरू हो सके, लेकिन नवंबर 2025 में ईरान ने इसे खत्म कर दिया। जून 2026 में एक अंतरिम समझौते की बात सामने आई, जिस पर Deputy Foreign Minister Kazem Gharibabadi ने कहा कि बमबारी वाली जगहों पर जाने की बात अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद ही होगी।
