अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। 10 जून 2026 को IAEA के 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने अमेरिका समर्थित एक कड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव में ईरान से अपने बचे हुए संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) के स्टॉक की पूरी जानकारी देने और जांचकर्ताओं को उसकी जांच करने की अनुमति देने की मांग की गई है। इस फैसले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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प्रस्ताव के पक्ष और विरोध में किस देश ने क्या कहा?

इस प्रस्ताव को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने मिलकर पेश किया था। वोटिंग के दौरान इस प्रस्ताव के पक्ष में 21 वोट पड़े, जबकि रूस, चीन और नाइजर ने इसका कड़ा विरोध किया और इसके खिलाफ 3 वोट दिए। वहीं 10 देशों ने इस वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इस नए नियम के तहत ईरान को अपने परमाणु ठिकानों और सामग्री के बारे में पूरी और सटीक जानकारी देनी होगी। साथ ही उसे जांचकर्ताओं को उन जगहों पर जाने की अनुमति भी देनी होगी जो 2025 के हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हो गए थे।

ईरान की प्रतिक्रिया और यूरेनियम का मौजूदा स्टॉक

ईरान ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को सैन्य हमले को सही ठहराने की कोशिश बताया है। इस बीच, IAEA का अनुमान है कि ईरान के पास अभी भी भारी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जो 60 प्रतिशत तक शुद्ध है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब माना जाता है।

तनाव के बीच अमेरिका और ईरान में सैन्य टकराव

यह प्रस्ताव ऐसे समय में पास हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे के कुछ घंटे बाद ही यह फैसला आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल और हवाई हमले हुए। IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं और परमाणु समझौते को लेकर पुरानी शर्तें अब लागू नहीं की जा सकतीं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IAEA ने ईरान के खिलाफ क्या प्रस्ताव पास किया है?

IAEA ने अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें ईरान से अपने यूरेनियम स्टॉक का पूरा ब्योरा देने और उन परमाणु ठिकानों पर जांचकर्ताओं को जाने की अनुमति मांगी गई है जो 2025 के हमलों में क्षतिग्रस्त हुए थे।

इस प्रस्ताव के विरोध में किन देशों ने वोट किया?

इस प्रस्ताव के विरोध में रूस, चीन और नाइजर ने वोट किया है, जबकि 21 देशों ने इसके समर्थन में मतदान किया और 10 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

ईरान के पास इस समय कितना संवर्धित यूरेनियम मौजूद है?

IAEA के अनुसार ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जो 60% तक संवर्धित है और इसे परमाणु हथियार बनाने की दिशा में एक छोटा कदम माना जाता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.