अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों और वहां तक अपनी पहुंच न होने को लेकर बड़ी चिंता जताई है। 4 जून 2026 को जारी एक गोपनीय रिपोर्ट में परमाणु निगरानी संस्था ने कहा है कि परमाणु सामग्री की जांच न कर पाने से परमाणु हथियारों के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब एक दिन पहले ही 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।

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परमाणु ठिकानों की जांच न होने से क्यों बढ़ा बड़ा खतरा?

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने साफ तौर पर कहा है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है और ईरान किसी भी हाल में इसे टाल नहीं सकता है। पिछले साल जून 2025 में अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों के बाद से एजेंसी को ईरान के परमाणु ठिकानों पर जाने की अनुमति नहीं मिली है। इस वजह से एजेंसी के पास अब वहां की परमाणु सामग्री को लेकर कोई ताजा जानकारी मौजूद नहीं है।

  • असुरक्षित स्टॉकपाइल: जून 2025 के हमलों से पहले ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम होने का अनुमान था जो लगभग हथियार बनाने के स्तर का था।
  • जानकारी की कमी: एजेंसी को अब यह पता नहीं है कि इस यूरेनियम का वर्तमान में क्या आकार है, यह कहां रखा है या इसकी संरचना क्या है।
  • बोर्ड बैठक में चर्चा: इस रिपोर्ट पर अगले सप्ताह होने वाली IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में गंभीर चर्चा की जाएगी।

खाड़ी देशों की सुरक्षा और हवाई यात्राओं पर क्या पड़ रहा है असर?

इस पूरे मामले का असर केवल परमाणु ठिकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा प्रभाव खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वालों पर पड़ रहा है। बुधवार 3 जून 2026 को ईरान की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस हमले के बाद उड़ानों को निलंबित करना पड़ा है जिससे यात्रियों और प्रवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है, लेकिन ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी तस्नीम ने स्पष्ट किया है कि ईरान ने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है और बातचीत रुकी हुई है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि मुख्य परमाणु स्थलों जैसे इस्फहान और नतंज में फरवरी से कोई नई गतिविधि नहीं देखी गई है, लेकिन केवल बुशहर परमाणु संयंत्र में ही जून की शुरुआत में निरीक्षकों को जाने की अनुमति मिली थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IAEA ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या चेतावनी दी है?

IAEA ने कहा है कि उसे लगभग एक साल से ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच करने की अनुमति नहीं मिली है, जिससे वहां मौजूद यूरेनियम स्टॉकपाइल की वास्तविक स्थिति का पता लगाना असंभव हो गया है और इससे परमाणु हथियारों के प्रसार का खतरा बढ़ गया है।

क्या कुवैत में हाल ही में कोई हमला हुआ है?

हाँ, 3 जून 2026 को ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुँचा था, जिसके बाद हवाई सेवाएं रोकनी पड़ी थीं और लोग हताहत हुए थे।

क्या वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत और समझौते का दावा किया था, लेकिन ईरान की मीडिया एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच परोक्ष बातचीत फिलहाल रुकी हुई है और ईरान की तरफ से कोई ताजा जवाब नहीं दिया गया है।