अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने एक ऐतिहासिक फैसले में ईरान की कड़ी निंदा की है। ICAO ने साफ किया है कि ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन किया गया है, जिससे नागरिक उड्डयन यानी सिविल एविएशन की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। यह फैसला 1 अप्रैल 2026 को मॉन्ट्रियल में हुई ICAO काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इस शिकायत में UAE, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, मोरक्को और ओमान जैसे देश एक साथ शामिल थे।

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ICAO ने ईरान के खिलाफ क्या बड़ा फैसला सुनाया है?

ICAO काउंसिल ने अपने 237वें सत्र के दौरान ईरान की हरकतों की कड़ी आलोचना की है। काउंसिल ने कहा कि 28 फरवरी 2026 से जो हमले हुए हैं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हवाई गलियारों को बहुत बड़े जोखिम में डाल दिया है। ईरान पर आरोप है कि उसने ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके हवाई नियमों का उल्लंघन किया है। शिकागो कन्वेंशन के आर्टिकल 1 के तहत हर देश का अपने हवाई क्षेत्र पर पूरा अधिकार होता है, जिसका उल्लंघन ईरान ने किया है। इस मामले को अब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के संबंधित निकायों के पास भेजा जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

विमान यात्रियों और सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा?

विमान सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस तनाव की वजह से हवाई यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है। ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से कई बार देशों को अपना एयरस्पेस बंद करना पड़ता है, जिससे फ्लाइट्स के रास्ते बदलने पड़ते हैं। इसका सीधा असर भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ता है। सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कुछ मुख्य कदम नीचे दिए गए हैं:

  • हवाई रास्तों में बदलाव होने से उड़ानों के समय में देरी हो सकती है।
  • सुरक्षा खतरों को देखते हुए देशों को इमरजेंसी एयरस्पेस क्लोजर जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
  • नागरिक विमानों की सुरक्षा के लिए अब नए अंतरराष्ट्रीय नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
  • ICAO इस पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

मामले से जुड़े मुख्य देश और उनकी भूमिका

इस पूरे विवाद में कई देश और संस्थाएं शामिल हैं जिन्होंने विमान सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई है। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

देश / संस्था भूमिका
ICAO निंदा प्रस्ताव पारित करने वाला संयुक्त राष्ट्र का संगठन
UAE और सऊदी अरब ईरान के खिलाफ शिकायत करने वाले मुख्य खाड़ी देश
Iran ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए आरोपी देश
Jordan और Kuwait हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की औपचारिक शिकायत दर्ज करने वाले देश

UAE के अर्थव्यवस्था मंत्री Abdulla bin Touq Al Marri ने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय संदेश है कि हवाई सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं कुवैत के नागरिक उड्डयन प्रमुख ने इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया है जो वैश्विक विमानन सुरक्षा के लिए जरूरी था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com