अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान की यह हरकत शिकागो कन्वेंशन और किसी भी देश की अपनी हवाई सीमा पर संप्रभुता के नियम का सीधा उल्लंघन है। सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत समेत कई खाड़ी देशों ने मिलकर इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। इन हमलों की वजह से नागरिक उड़ानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट पैदा हो गया है और हवाई यातायात में भारी रुकावटें आ रही हैं।

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ईरान ने किन अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ा है?

ICAO काउंसिल के 237वें सत्र में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 28 फरवरी 2026 के बाद से कई बार ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। यह शिकागो कन्वेंशन की धारा 1 और धारा 3 मकरर का उल्लंघन है, जो नागरिक विमानों की सुरक्षा और देशों की हवाई सीमा के सम्मान की बात करते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का जिक्र करते हुए यह भी बताया गया कि नागरिक ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। अधिकारियों ने मांग की है कि ईरान इन गैर-कानूनी गतिविधियों को तुरंत रोके।

प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वालों पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अक्सर यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है। ईरान के इन हमलों की वजह से सुरक्षा के लिहाज से कई बार हवाई मार्ग (एयरस्पेस) बंद करने पड़ते हैं या उड़ानों के रास्ते बदलने पड़ते हैं। इससे न केवल सफर में देरी होती है बल्कि विमानों के संचालन में भी दिक्कतें आती हैं। यूएई के नागरिक उड्डयन महानिदेशक सैफ मोहम्मद अल सुवेदी ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

संबंधित देश/संस्था महत्वपूर्ण जानकारी
ICAO हमलों को गैर-कानूनी घोषित किया
ईरान ड्रोन और मिसाइल हमले करने का आरोप
शिकायतकर्ता देश UAE, सऊदी, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, मोरक्को, ओमान, कतर
प्रभाव हवाई मार्ग बंद होना और उड़ानों में देरी
नियम उल्लंघन शिकागो कन्वेंशन की धारा 1 और 3 मकरर

अरब देशों ने मिलकर उठाया कड़ा कदम

मिस्र के नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. समेह अल-हफनी और कतर के परिवहन मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल थानी ने कहा कि साझा कार्य पत्र पेश करना खाड़ी और अरब देशों की एकता को दिखाता है। सभी देशों ने एक सुर में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जॉर्डन के उड्डयन विभाग के प्रमुख ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी देश की हवाई सीमा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को अब संयुक्त राष्ट्र के संबंधित निकायों को भेजने की तैयारी की जा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.