Kuwait International Airport पर हुए ईरानी हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने कुवैत का पूरा समर्थन किया है। ICAO ने अपनी बैठक में साफ किया कि ईरान के दावे गलत हैं और नागरिक सुविधाओं पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। इस मामले में कुवैत ने पुख्ता सबूत पेश किए हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हवाई सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।

ICAO की बैठक में ईरान के दावों को नकारा गया

19 जून 2026 को ICAO की 238वीं वर्चुअल मीटिंग हुई, जिसमें कुवैत के रुख को सही माना गया। संगठन के महासचिव ने एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की और बताया कि ईरान द्वारा दिए गए तर्क गलत थे। कुवैत ने 5 जून और 11 जून को ICAO को आधिकारिक विरोध पत्र भेजे थे, जिनमें हमलों की तस्वीरें और जरूरी दस्तावेज़ शामिल थे। इन दस्तावेज़ों को दुनिया के सभी सदस्य देशों के बीच साझा किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन

कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA/PACA) ने कहा कि हवाई बुनियादी ढांचे पर हमला ‘शिकागो कन्वेंशन 1944’ का बड़ा उल्लंघन है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हमलों से यात्रियों, फ्लाइट क्रू और एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की जान को सीधा खतरा होता है। कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशक शेख इंजीनियर हमूद मुबारक अल-हमूद अल-सबाह ने इस मुश्किल घड़ी में ICAO और अरब ग्रुप के समर्थन के लिए आभार जताया है।

भारतीय नागरिक की मौत और भारी नुकसान

इन हमलों का असर आम लोगों और प्रवासियों पर बहुत बुरा पड़ा है। 3 जून 2026 को ईरानी ड्रोन ने एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को निशाना बनाया था। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई और 63 लोग घायल हुए। इस घटना के बाद सभी कमर्शियल फ्लाइट्स को रोकना पड़ा था। इसके बाद 11 जून को फिर से हमला हुआ जिससे रडार सिस्टम और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के उपकरण खराब हो गए, जिसकी वजह से एयर नेविगेशन कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद हो गया था।

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद

इस मामले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है। उनका दावा है कि एयरपोर्ट को नुकसान किसी खराब अमेरिकी इंटरसेप्टर की वजह से हुआ। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दावों को झूठा बताया है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी ड्रोन ने जानबूझकर और बिना किसी वजह के कुवैत एयरपोर्ट पर हमला किया था।