Kuwait International Airport पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के मामले में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने इस मामले में कुवैत के रुख का समर्थन किया है। इन हमलों की वजह से एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुँचा है और एक भारतीय नागरिक की जान भी चली गई है।
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कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (PACA) ने ICAO को अब तक तीन आधिकारिक विरोध पत्र भेजे हैं। 13 जून 2026 को भेजे गए तीसरे पत्र में ईरान के उन हमलों की कड़ी निंदा की गई जिन्होंने एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को निशाना बनाया। इससे पहले 12 जून को भी एक शिकायत दर्ज की गई थी क्योंकि एक हमले के कारण सभी कमर्शियल फ्लाइट्स को सावधानी के तौर पर कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।
हमलों का विवरण और नुकसान
इन हमलों ने एयरपोर्ट और वहां काम करने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। अब तक की घटनाओं की जानकारी इस प्रकार है:
- 3 जून 2026: एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 63 लोग घायल हुए।
- 11 जून 2026: ईरान के हमले में रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया जिससे कई लोग घायल हुए और काफी नुकसान हुआ।
- 12 और 13 जून 2026: हवाई यातायात प्रबंधन उपकरणों और रडार सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचा जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ।
PACA ने साफ किया है कि ये हमले 1944 के शिकागो कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा नियमों का बड़ा उल्लंघन हैं। यह संधि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के लिए सबसे बुनियादी नियम मानी जाती है।
कुवैत सरकार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की हरकतें यात्रियों, फ्लाइट क्रू और एयरपोर्ट स्टाफ की जान को खतरे में डालती हैं। इससे पूरे क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर बुरा असर पड़ सकता है। कुवैत ने ICAO से मांग की है कि वह इन उल्लंघनों का पूरा रिकॉर्ड रखे और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए।
कुवैत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने सभी कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखे हुए है और आने वाले समय में उचित कार्रवाई कर सकता है।