अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने फलस्तीनी जमीन पर इसराइल के कब्जे को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपनी राय में साफ कहा है कि वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम जैसे इलाकों में इसराइल की मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इस ऐतिहासिक फैसले में कोर्ट ने इसराइल को तुरंत अपनी बस्तियां हटाने और कब्जा छोड़ने का निर्देश दिया है।

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कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें क्या हैं?

ICJ ने 19 जुलाई 2024 को अपनी सलाह देते हुए इसराइल की नीतियों पर कई कड़े सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने माना कि फलस्तीनी इलाकों में बनाई गई बस्तियां और वहां के संसाधनों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से गलत है। कोर्ट ने इसराइल को निर्देश दिए हैं कि वह:

  • फलस्तीनी इलाकों से अपनी मौजूदगी को जल्द से जल्द खत्म करे
  • नई बस्तियां बनाने का काम तुरंत बंद कर दे
  • वहां रहने वाले सभी इसराइली लोगों को उन इलाकों से बाहर निकाले
  • कब्जे के कारण फलस्तीनी लोगों को हुए नुकसान की भरपाई करे

इस फैसले पर फलस्तीन और दुनिया का क्या रुख है?

फलस्तीनी अथॉरिटी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है और इसका स्वागत किया है। हालांकि, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने दुनिया के अन्य देशों को भी यह सलाह दी है कि वे इसराइल के इस अवैध कब्जे को मान्यता न दें और इसे बनाए रखने में किसी भी तरह की मदद न करें।

सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने भी एक प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव में कोर्ट की बातों का समर्थन किया गया है और इसराइल को एक साल के अंदर इन इलाकों को खाली करने के लिए कहा गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से आने वाले समय में इसराइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com