ICRA Limited ने अपने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने बताया है कि 28 जनवरी 2026 को जारी किए गए नतीजों के मुताबिक, उनका रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 35.3% बढ़कर 163.6 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के इस प्रदर्शन में Fintellix के अधिग्रहण का बड़ा हाथ रहा है, जिससे रिस्क एनालिटिक्स के क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत हुई है। हालांकि, नए लेबर कोड लागू होने के कारण कंपनी को कुछ अतिरिक्त खर्च भी उठाने पड़े हैं।

कमाई और मुनाफे का पूरा हिसाब

इस तिमाही में ICRA का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू जहां 35% से ज्यादा बढ़ा, वहीं टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 10.9% बढ़कर 61.8 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने बताया कि पिछले 9 महीनों में उनका कुल रेवेन्यू 424.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। नीचे दी गई टेबल में आप कंपनी के मुख्य वित्तीय आंकड़ों को आसान भाषा में समझ सकते हैं।

विवरण आंकड़ा (करोड़ में) बदलाव (YoY)
कुल रेवेन्यू (Q3) ₹163.6 करोड़ 35.3% बढ़ा
प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Q3) ₹61.8 करोड़ 10.9% बढ़ा
नेट प्रॉफिट (PAT) ₹39.06 करोड़ 7.5% घटा
9 महीने का रेवेन्यू ₹424.7 करोड़ 17.4% बढ़ा

नए नियम और मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव

कंपनी के नतीजों के साथ-साथ कुछ अहम बदलाव भी सामने आए हैं, जिसका असर कंपनी के कामकाज और स्टॉक पर दिखा है। विशेष रूप से नए लेबर कोड और लीडरशिप में हुए बदलाव पर निवेशकों की नजर है।

  • नए CEO की नियुक्ति: आज 1 फरवरी 2026 से Mruthyunjayappa ने ICRA Analytics Limited के CEO का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने जयंत चटर्जी की जगह ली है।
  • लेबर कोड का असर: देश में 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड के चलते कंपनी ने 6.92 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च दिखाया है। इसमें ग्रेच्युटी और छुट्टियों के बदले दी जाने वाली राशि (Leave Liabilities) शामिल है।
  • Fintellix का योगदान: हाल ही में खरीदी गई कंपनी Fintellix ने इस तिमाही में 24.91 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिया है, जिससे कुल कमाई में बड़ा उछाल आया है।
  • शेयर बाज़ार में हलचल: इन नतीजों के बाद ICRA का शेयर 5.6% की साप्ताहिक बढ़त के साथ 6,306.50 रुपये पर बंद हुआ था।