कुवैत में 4 साल तक काम करने वाले International Committee of the Red Cross (ICRC) के प्रमुख Mamadou Sow अब यहाँ से विदा हो रहे हैं। उन्होंने जाते-जाते कुवैत की जमकर तारीफ की और इसे पूरी दुनिया के लिए ‘इंसानियत का प्रकाश’ बताया। Sow ने अपने कार्यकाल को बहुत शानदार बताया और कहा कि कुवैत ने मुश्किल समय में हमेशा दूसरों की मदद की है।

Mamadou Sow ने कुवैत को ‘इंसानियत का प्रकाश’ क्यों कहा?

Mamadou Sow ने कुवैत को एक ऐसा देश बताया जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का बहुत सम्मान करता है और ICRC का मजबूत समर्थक रहा है। उन्होंने बताया कि कुवैत की मदद की वजह से ICRC उन इलाकों में भी सहायता पहुँचा पाया जहाँ युद्ध और संकट था। कुवैत के सहयोग से सूडान, लेबनान, सीरिया और सोमालिया जैसे देशों में प्रभावित लोगों की मदद करना आसान हुआ। साथ ही, कुवैत ने दुनिया के अन्य बड़े संकटों के लिए भी जरूरी फंड मुहैया कराया।

ICRC और कुवैत के बीच कौन से मुख्य काम हुए?

Mamadou Sow जून 2022 में अपने पद पर आए थे और इनके नेतृत्व में कुवैत के साथ रिश्ते काफी मजबूत हुए। पिछले साल दोनों पक्षों के बीच हाई लेवल रणनीतिक बातचीत हुई और कुवैत के विदेश मंत्रालय के साथ अच्छे संबंध बने। Sow ने 8 मार्च 2026 को Kuwait Red Crescent Society के चेयरमैन Khaled Al-Mughamis से मुलाकात की थी, जिसमें ट्रेनिंग प्रोग्राम और वॉलंटियर्स की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को Saudi Red Crescent Authority के प्रेसिडेंट डॉ. जलाल बिन मोहम्मद अल-ओवैसी से भी मुलाकात कर मानवीय सहायता के प्रयासों को और बेहतर बनाने पर बात की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Mamadou Sow ने कितने समय तक कुवैत में काम किया?

Mamadou Sow ने जून 2022 में अपना पद संभाला था और उन्होंने कुवैत में लगभग 4 साल तक अपनी सेवाएं दीं।

कुवैत की मदद से किन देशों में सहायता पहुँची?

कुवैत के सहयोग से ICRC ने सूडान, लेबनान, सीरिया और सोमालिया जैसे युद्ध प्रभावित देशों में मानवीय सहायता पहुँचाई।