अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) की अध्यक्ष मिर्जाना स्पोलजारिक ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खतरों को लेकर एक गंभीर अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों, स्कूलों, पावर प्लांट और पानी की सप्लाई प्रणालियों पर हमले करना अब एक सामान्य बात नहीं बननी चाहिए। 6 अप्रैल 2026 को जारी बयान में उन्होंने विशेष रूप से ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच इन ठिकानों की सुरक्षा पर जोर दिया है।

ICRC और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने क्यों जताई है चिंता?

ICRC प्रमुख ने बताया कि बुनियादी ढांचे पर हमला करना असल में आम जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा है। हाल ही में ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए धमाकों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि हवाई हमले न्यूक्लियर प्लांट से मात्र 75 मीटर की दूरी पर हुए हैं। 100 से अधिक कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों और जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन हैं।

हालिया हमलों और उनसे हुए नुकसान का पूरा विवरण

ईरान में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन हमलों में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी नहीं बख्शा गया है।

तारीख घटना/अपडेट
6 अप्रैल 2026 IAEA ने बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हवाई हमले की पुष्टि की।
6 अप्रैल 2026 ईरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर बमबारी हुई जिसमें 34 लोग मारे गए।
5 अप्रैल 2026 कराज-तेहरान B1 ब्रिज और औद्योगिक केंद्रों पर हमले की रिपोर्ट मिली।
3 अप्रैल 2026 100 विशेषज्ञों ने अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा।
19 मार्च 2026 UN मानवाधिकार प्रमुख ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की।

अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार नागरिक वस्तुओं को तब तक सुरक्षा प्राप्त है जब तक वे सैन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं होती हैं। ईरान के रेड क्रेसेंट के अनुसार अब तक 67,414 नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुँचाया गया है। तेहरान ने भी स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे पर हमलों का जवाब उसी तरह से दिया जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com