IDBI Bank ने विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRI) के लिए एक खास स्कीम निकाली है। इस स्कीम का नाम FCNR(B) स्पेशल अपॉर्चुनिटी डिपॉजिट है, जिसमें अमेरिकी डॉलर (USD) जमा करने पर बेहतर रिटर्न मिलेगा। यह मौका उन लोगों के लिए है जो अपने पैसे को सुरक्षित रखना चाहते हैं और साथ ही अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं।
यह स्कीम 11 जून 2026 से शुरू हुई है और 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस कदम के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए नियम हैं, जिसने बैंकों को विदेशी मुद्रा जमा पर अधिक ब्याज देने की छूट दी है। RBI ने डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा भी शुरू की है ताकि देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ सके और भारतीय रुपये को मजबूती मिले।
स्कीम की मुख्य बातें और नियम
- कर छूट: इस डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज भारत में इनकम टैक्स से मुक्त है।
- करेंसी सुरक्षा: पैसा अमेरिकी डॉलर (USD) में जमा रहेगा, इसलिए डॉलर और रुपये की कीमत में होने वाले बदलावों का असर नहीं पड़ेगा।
- पैसा निकालना: जमा की गई मूल राशि और ब्याज को पूरी तरह से वापस विदेश भेजा जा सकता है।
- लॉक-इन पीरियड: इसमें कम से कम 1 साल का लॉक-इन पीरियड है, जिसका मतलब है कि जमा करने के एक साल बाद ही पैसा निकाला जा सकेगा।
- न्यूनतम जमा: इस स्कीम में कम से कम 1,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर की राशि जमा करनी होगी।
ब्याज दरों की पूरी जानकारी
जमा की अवधि और रकम के हिसाब से ब्याज दरों को अलग-अलग रखा गया है, जिसे नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| अवधि (Duration) | 1 मिलियन USD तक | 1 से 5 मिलियन USD तक | 5 मिलियन USD से ज्यादा |
|---|---|---|---|
| 3 साल से 4 साल से कम | 6.00% | 6.05% | 6.10% |
| 4 साल से 5 साल से कम | 6.05% | 6.10% | 6.15% |
| 5 साल | 6.10% | 6.15% | 6.20% |
यह स्कीम सिर्फ Non-Resident Indians (NRIs) ही नहीं, बल्कि Overseas Citizens of India (OCIs) और Persons of Indian Origin (PIOs) के लिए भी उपलब्ध है। RBI ने बैंकों को इस स्कीम के लिए CRR और SLR की जरूरतों से छूट दी है, जिससे बैंकों के लिए ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देना आसान हो गया है।