इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को तेल के झटके से बचाने के लिए IEA के 32 सदस्य देशों ने 41.19 करोड़ बैरल इमरजेंसी तेल बाजार में उतारने की घोषणा की है। इसकी शुरुआत 16 मार्च 2026 से एशिया और ओशिनिया के देशों में हो चुकी है, जबकि अमेरिका और यूरोप में यह प्रक्रिया मार्च के अंत तक शुरू होगी। मिडिल ईस्ट से समुद्री रास्ते से होने वाली सप्लाई में आई भारी गिरावट के बीच यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की महंगाई से राहत मिल सके।

इमरजेंसी तेल से किसको और कब मिलेगा फायदा

IEA का रिज़र्व सिस्टम दुनिया भर में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने का काम करता है। मौजूदा संकट को देखते हुए सबसे पहले एशिया के खरीदारों को प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि यहां सप्लाई पर ज्यादा असर पड़ा है।

  • एशिया और ओशिनिया: 16 मार्च से जापान, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने अपने रिज़र्व से तेल बाजार में भेजना शुरू कर दिया है।
  • अमेरिका और यूरोप: इन क्षेत्रों के रिज़र्व से मार्च के अंत तक तेल बाजार में आना शुरू हो जाएगा।
  • सप्लाई का समय: अमेरिका अपना हिस्सा अगले 120 दिनों के भीतर बाजार में उतारेगा ताकि लंबे समय तक सप्लाई बनी रहे।

किस देश ने कितना तेल बाजार में उतारा

यह IEA के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा कदम है, जिसमें 2022 के मुकाबले दोगुना तेल निकाला जा रहा है। कुल 41.19 करोड़ बैरल में से 72 प्रतिशत कच्चा तेल है और 28 प्रतिशत रिफाइंड प्रोडक्ट जैसे पेट्रोल और डीजल शामिल हैं। भारत भी एक एसोसिएट मेंबर के तौर पर IEA के साथ तालमेल बनाए हुए है।

देश का नाम तेल की मात्रा (करोड़ बैरल में)
अमेरिका (US) 19.58
जापान 8.00
साउथ कोरिया 2.24
जर्मनी 1.95

मिडिल ईस्ट संकट का आम आदमी पर असर

IEA के प्रमुख फातिह बिरोल के अनुसार यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि Strait of Hormuz के रास्ते व्यापार बंद होने से तेल की सप्लाई काफी ज्यादा प्रभावित हुई है। वर्तमान में एशिया में आने वाले तेल में 90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने उम्मीद जताई है कि बाजार में इस तेल के पहुंचने से ईंधन की कीमतों में कमी आएगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से गल्फ देशों में रहने वाले और वहां काम करने वाले लोगों के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी महंगाई को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.