UAE में डिजिटल लेन-देन की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव आया है. International Holding Company (IHC) ने DDSC नाम की डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल कर 110 मिलियन दिरहम का लेन-देन पूरा किया है. यह पूरा काम ADI Chain नाम के ब्लॉकचेन नेटवर्क पर हुआ है, जो आने वाले समय में पैसों के लेनदेन को और आसान और सुरक्षित बनाएगा.

DDSC क्या है और इसे किसने बनाया है?

DDSC एक ऐसी डिजिटल करेंसी है जिसकी कीमत UAE दिरहम के बराबर रहती है, इसे ‘स्टेबलकॉइन’ कहा जाता है. इसे UAE के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने फरवरी 2026 में अपनी मंजूरी दे दी थी. इस प्रोजेक्ट को IHC, First Abu Dhabi Bank (FAB) और Sirius International Holding ने मिलकर तैयार किया है. इस सिस्टम के पीछे ADI Foundation का ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रहा है, जो सरकारी और बड़े संस्थानों के लिए बनाया गया है.

इस बड़े लेन-देन का आम लोगों और बिजनेस पर क्या असर होगा?

IHC ने जो 110 मिलियन दिरहम का लेन-देन किया है, वह यह साबित करता है कि यह सिस्टम अब पूरी तरह काम करने के लिए तैयार है. IHC के CEO सैयद बसर शुएब ने बताया कि इससे पेमेंट और सेटलमेंट का तरीका आधुनिक होगा. आने वाले समय में यह तकनीक सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि AI एजेंट्स और मशीनों के बीच होने वाले व्यापार में भी काम आएगी. FAB की ग्रुप हेड फुटून हमदान अलमज़रोई के मुताबिक, यह सिस्टम रेगुलेशन और सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन करता है, जिससे यह पूरी तरह भरोसेमंद है.

लेन-देन और कंपनी से जुड़े जरूरी आंकड़े

इस पूरे प्रोजेक्ट और IHC की वित्तीय स्थिति से जुड़ी कुछ खास जानकारियां नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल लेन-देन राशि 110 मिलियन AED
अमेरिकी डॉलर में कीमत लगभग 30 मिलियन USD
सेंट्रल बैंक की मंजूरी फरवरी 2026
लेन-देन की तारीख 22 मई 2026
IHC Q1 2026 मुनाफा 8.2 बिलियन AED
IHC Q1 2026 राजस्व 31.4 बिलियन AED
राजस्व में बढ़ोतरी 33.2%

अन्य नए अपडेट्स और पार्टनरशिप

इस प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाने के लिए ADI Foundation ने अप्रैल 2026 में Chainlink के साथ हाथ मिलाया है. इसके अलावा, 8 मई 2026 को Exodus वॉलेट में भी ADI टोकन और मेननेट का सपोर्ट शुरू किया गया है, ताकि डिजिटल संपत्ति रखने वाले लोग इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें.

Frequently Asked Questions (FAQs)

DDSC क्या है और यह कैसे काम करता है?

DDSC एक UAE दिरहम-बैक्ड स्टेबलकॉइन है जिसे सेंट्रल बैंक की मंजूरी मिली है. यह ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है और इसका इस्तेमाल बड़े संस्थानों द्वारा सुरक्षित भुगतान और सेटलमेंट के लिए किया जाता है.

इस प्रोजेक्ट में कौन सी कंपनियां शामिल हैं?

इस प्रोजेक्ट में International Holding Company (IHC), First Abu Dhabi Bank (FAB), Sirius International Holding और ADI Foundation मुख्य रूप से शामिल हैं.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com