इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल (RCAP) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। IIHL के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा,

“हमारी तरफ से ट्रांजैक्शन पूरा हो चुका है। जैसे ही हम बात कर रहे हैं, पैसा एक एस्क्रो से दूसरे एस्क्रो में ट्रांसफर हो रहा है।”

कल से मिलेगा नया प्रबंधन

रिलायंस कैपिटल का प्रबंधन बुधवार को नए मालिकों के हाथों में आ जाएगा। अशोक हिंदुजा ने बताया कि अब असली काम यानी वैल्यू क्रिएशन की शुरुआत होगी। उन्होंने रिलायंस कैपिटल के बिजनेस का अनुमानित मूल्य करीब 20,000 करोड़ रुपये बताया।

39-40 कंपनियों का होगा रिव्यू और डिवेस्टमेंट

रिलायंस कैपिटल के करीब 39-40 सब्सिडियरी कंपनियां हैं। हिंदुजा ने कहा कि इनमें से कई छोटी और शेल कंपनियां हैं, जिन्हें नया मैनेजमेंट धीरे-धीरे बेच देगा। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि 1.28 लाख कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी।

IIHL का BFSI सेक्टर में विस्तार

इस अधिग्रहण के साथ ही IIHL का बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (BFSI) सेक्टर में विस्तार होगा। अप्रैल 2023 में IIHL ने रिलायंस कैपिटल के लिए कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत 9,650 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई थी।

सभी जरूरी मंजूरी मिल चुकी है

IIHL को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बीमा नियामक प्राधिकरण (IRDAI), और अन्य जरूरी एक्सचेंजों से सभी मंजूरियां पहले ही मिल चुकी हैं।

क्यों हुआ अधिग्रहण?

नवंबर 2021 में रिलायंस कैपिटल को आरबीआई के प्रशासक के अंतर्गत रखा गया था। इसकी वजह थी कंपनी में गवर्नेंस की खामियां और अनिल अंबानी समूह से जुड़ी पेमेंट डिफॉल्ट की घटनाएं। फरवरी 2022 में कंपनी की बिक्री के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं।