अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने सऊदी अरब के Vision 2030 को आर्थिक बदलाव का बड़ा जरिया माना है। 22 जुलाई 2026 को हुई Article IV Consultation में IMF ने कहा कि पिछले एक दशक में सऊदी अरब ने अपनी नीतियों और संस्थाओं को बहुत मजबूत किया है। इससे न केवल देश की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, बल्कि तेल पर निर्भरता भी काफी हद तक कम हो गई है।
ℹ: Saudi Arabia Economy: 2025 में सऊदी अरब की गैर-तेल अर्थव्यवस्था में 4.2% की बढ़ोतरी का अनुमान।
तेजी से बढ़ी गैर-तेल अर्थव्यवस्था
सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2016 में गैर-तेल गतिविधियों की हिस्सेदारी जीडीपी में लगभग 47% थी, जो अब बढ़कर 56% तक पहुंच गई है। इसके अलावा, साल 2022 में सऊदी अरब जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना था।
महिलाओं की भागीदारी और रोजगार
सऊदी अरब में रोजगार के मौके भी लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2026 के मध्य तक महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी करीब 37% हो गई है, जो Vision 2030 के 30% के लक्ष्य से कहीं ज्यादा है। साथ ही, सऊदी नागरिकों के बीच बेरोजगारी दर भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
भविष्य की योजनाएं
Public Investment Fund (PIF) की नई रणनीति को भी सराहा गया है, जो निजी क्षेत्र को निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रही है। हालांकि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद सऊदी अर्थव्यवस्था काफी लचीली रही है। IMF ने आगे भी वित्तीय सुधारों और शिक्षा को बाजार की जरूरतों के हिसाब से जोड़ने की सलाह दी है ताकि विकास की गति बनी रहे।
