अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने सऊदी अरब की आर्थिक नीतियों और बैंकिंग व्यवस्था की जमकर तारीफ की है। 22 जुलाई 2026 को हुई कंसल्टेशन के बाद जारी रिपोर्ट में IMF ने कहा कि सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने जिस तरह से पैसे के लेनदेन और तरलता यानी लिक्विडिटी का प्रबंधन किया है, वह काबिले तारीफ है। इस रिपोर्ट को सऊदी वित्त मंत्रालय ने भी सराहा है।

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बैंकिंग सेक्टर का हाल

सऊदी अरब के बैंकों की स्थिति बहुत मजबूत बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.5% तक पहुंच गया है, जो बैंकिंग सेक्टर की मजबूती दिखाता है। साथ ही, खराब लोन यानी नॉन-परफॉर्मिंग लोन गिरकर पिछले 10 साल के सबसे निचले स्तर 1% पर आ गए हैं।

आर्थिक स्थिरता के लिए ठोस कदम

IMF ने सऊदी अरब के उस फैसले को भी सही बताया है जिसके तहत सऊदी रियाल की कीमत को अमेरिकी डॉलर के साथ फिक्स रखा गया है। इससे देश की मुद्रा नीति पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी विजन 2030 के तहत हो रहे सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है और आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा मिला है।

सुरक्षा और भविष्य की तैयारी

सऊदी सेंट्रल बैंक ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनमें शामिल हैं:

  • 2024 के फाइनेंशियल सेक्टर प्रोग्राम की सिफारिशों का तेजी से पालन।
  • मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए फंडिंग रोकने के सख्त उपाय।
  • विदेशी मुद्रा से जुड़े जोखिमों की लगातार निगरानी।
  • संकट के समय निपटने के लिए पहले से तैयार किए गए फ्रेमवर्क।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.