IMF की चेतावनी, ईरान और अमेरिका युद्ध से दुनिया की आर्थिक रफ्तार होगी धीमी, महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब पूरी दुनिया की जेब पर भारी पड़ने वाला है। International Monetary Fund (IMF) ने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई की वजह से ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो जाएगी। इसका सीधा असर महंगाई और तेल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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ग्रोथ और महंगाई पर क्या असर होगा?

IMF ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया कि दुनिया की आर्थिक तरक्की अब पहले के मुकाबले कम होगी। जनवरी में जो ग्रोथ 3.3% से 3.4% मानी जा रही थी, उसे अब घटाकर 3.1% कर दिया गया है। इसके साथ ही दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका है, जो अब 4.4% तक पहुँच सकती है। IMF के चीफ इकोनॉमिस्ट Pierre-Olivier Gourinchas ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद वैश्विक आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।

विवरण पुरानी अनुमानित दर नई अनुमानित दर
ग्लोबल ग्रोथ (2026) 3.3% – 3.4% 3.1%
ग्लोबल महंगाई कम थी 4.4%

तेल और गैस की कीमतों में कितनी बढ़त होगी?

युद्ध की वजह से Strait of Hormuz के बंद होने और तेल रिफाइनरियों पर हमलों का बड़ा असर पड़ा है। IMF के मुताबिक, तेल की कीमतों में करीब 21.4% की बढ़त देखी जा सकती है। ऊर्जा से जुड़ी अन्य चीजों के दाम भी 19% तक बढ़ सकते हैं। अगर यह लड़ाई लंबी खिंची या और देशों तक फैली, तो दुनिया मंदी की चपेट में आ सकती है।

किन देशों पर होगा सबसे ज्यादा असर?

इस युद्ध से उभरते हुए देशों और खाड़ी देशों के तेल निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की उम्मीद है। हालांकि, अमेरिका जैसे विकसित देश कुछ हद तक संभल जाएंगे, लेकिन वे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वहीं रूस और भारत जैसे देशों की ग्रोथ में थोड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जिसका मुख्य कारण तेल की बढ़ती कीमतें और टैरिफ में बदलाव है।