IMF की बड़ी चेतावनी, Middle East विवाद से दुनिया की अर्थव्यवस्था होगी तबाह, महंगाई और मंदी का खतरा बढ़ा

Middle East में चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। International Monetary Fund (IMF) ने चेतावनी दी है कि इस विवाद की वजह से दुनिया की आर्थिक स्थिरता खतरे में है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और महंगाई पर पड़ सकता है, जिससे पूरी दुनिया में आर्थिक संकट आने का डर है।

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अर्थव्यवस्था और मंदी का क्या खतरा है?

IMF ने साल 2026 के लिए ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। अगर यह लड़ाई लंबी खिंची, तो विकास दर गिरकर 2% तक आ सकती है, जिसे मंदी का संकेत माना जाता है। IMF के चीफ इकोनॉमिस्ट Pierre-Olivier Gourinchas ने कहा कि इस विवाद से दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है और आर्थिक नुकसान लंबे समय तक रहेगा।

महंगाई और तेल की कीमतों पर क्या असर होगा?

दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर है। 2026 के लिए महंगाई दर 4.4% रहने का अनुमान है, जो गंभीर स्थिति में 6% के पार जा सकती है। युद्ध की वजह से दुनिया की तेल और गैस की सप्लाई काफी प्रभावित हुई है। Strait of Hormuz में दिक्कतों की वजह से सप्लाई चेन बिगड़ गई है, जिसका असर गरीब और उभरते देशों पर सबसे ज्यादा होगा।

विवरण अनुमानित आंकड़ा/प्रभाव
ग्लोबल ग्रोथ (2026) 3.1% (पहले 3.3% था)
मंदी का खतरा (ग्रोथ दर) 2% से 2.5% तक
महंगाई दर (2026) 4.4% (गंभीर स्थिति में 6% से ऊपर)
तेल सप्लाई पर असर 13% प्रभावित
गैस सप्लाई पर असर 20% प्रभावित
क्षतिग्रस्त ऊर्जा केंद्र 72 केंद्र
ग्लोबल ग्रोथ (2025) 3.4%

शांति प्रयासों और अन्य देशों का क्या कहना है?

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UN के दूत Jean Arnault ने ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Hamad Al Busaidi से मुलाकात की है। ओमान ने शांति और तनाव कम करने के लिए UN की कोशिशों का पूरा समर्थन किया है। वहीं IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर Kristalina Georgieva ने कहा कि इस आर्थिक झटके का असर पूरे 2026 तक रहेगा, चाहे युद्धविराम हो ही क्यों न जाए।