IMF की चेतावनी, मिडिल ईस्ट में तनाव से बढ़ेगी महंगाई, दुनिया भर में एनर्जी और खाने की किल्लत हो सकती है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। International Monetary Fund (IMF) के एक पैनल ने चेतावनी दी है कि अगर यहाँ युद्ध की स्थिति बनी रही, तो पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों और खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई पर पड़ेगा, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
दुनिया और आम आदमी पर क्या होगा असर?
पैनल ने बताया कि मिडिल ईस्ट का तनाव ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। अगर वहां के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा या ट्रांसपोर्ट में गड़बड़ हुई, तो सामानों की आवाजाही रुक जाएगी। इससे ईंधन (fuel) और खाद (fertilizer) की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे खेती और ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाएगा और अंत में खाने-पीने की चीज़ें महंगी होंगी।
मीटिंग में किन बातों पर जोर दिया गया?
यह चेतावनी 53वीं IMFC मीटिंग के बाद आई, जिसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के फाइनेंस मिनिस्टर Mohammed Al-Jadaan ने की। बैठक में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और देशों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने की बात कही ताकि विकास की रफ्तार बनी रहे।
भविष्य के लिए क्या योजना है?
IMFC ने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए लचीली आर्थिक नीतियों की ज़रूरत है। कर्ज चुकाने के तरीकों को सुधारने और IMF की मदद करने वाली योजनाओं को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। अब इस कमेटी की अगली मीटिंग अक्टूबर 2026 में बैंकॉक, थाईलैंड में होगी, जहाँ आगे की रणनीति तय की जाएगी।