अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने के आसार हैं और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। जॉर्जीवा के मुताबिक अगर यह युद्ध लंबे समय तक खिंचता है, तो इसका असर और भी ज्यादा गहरा होगा।

ग्लोबल इकोनॉमी और महंगाई पर क्या होगा असर?

आईएमएफ प्रमुख ने बताया कि साल 2026 के लिए ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान फिलहाल 3.3% रखा गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यह युद्ध नहीं होता, तो इस विकास दर के अनुमान को और बढ़ाया जा सकता था। युद्ध की वजह से पैदा हुए हालातों ने आर्थिक सुधारों की रफ्तार को रोक दिया है। कई देशों ने इस संकट के बीच आईएमएफ से आर्थिक मदद के लिए संपर्क किया है। आने वाली 14 अप्रैल को आईएमएफ अपनी नई रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें युद्ध के आर्थिक प्रभावों का पूरा ब्यौरा दिया जाएगा।

खाने की सप्लाई और खेती पर पड़ने वाला प्रभाव

क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने खाद की सप्लाई चेन को लेकर भी बड़ी बात कही है। उनके अनुसार फिलहाल दुनिया में अनाज का संकट नहीं है, लेकिन अगर खाद की सप्लाई में रुकावट आती है तो स्थिति बदल सकती है।

  • खाद की सप्लाई रुकने से आने वाले समय में फसलों और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट की वजह से दुनिया के करीब एक तिहाई खाद व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।
  • आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक और आईईए एक साथ मिलकर इस आर्थिक संकट और ऊर्जा संकट से निपटने की योजना बना रहे हैं।
  • हाइती जैसे देशों में युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में उछाल आया है, जो वहां की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
  • विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि वैश्विक विकास दर में कटौती की जा सकती है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.