IMO का बड़ा प्लान, Strait of Hormuz में फंसे 1600 जहाजों और 20 हजार नाविकों को निकाला जाएगा बाहर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण Strait of Hormuz में सैकड़ों जहाज फंस गए हैं. अब International Maritime Organization (IMO) इन जहाजों और इनमें सवार हजारों नाविकों को सुरक्षित निकालने की योजना बना रहा है. इस तनाव की वजह से समुद्री रास्तों पर आवाजाही लगभग बंद हो गई है और हजारों नाविक मुश्किल हालात में हैं.

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IMO का रेस्क्यू प्लान क्या है और यह कब शुरू होगा?

IMO ने करीब 20,000 नाविकों और 1,600 से ज्यादा जहाजों को बाहर निकालने की तैयारी की है. यह प्लान तब लागू किया जाएगा जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा. जहाजों को उनकी जरूरत और नाविकों की हालत के हिसाब से प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही, IMO कई देशों के साथ मिलकर समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगों और अन्य खतरों को हटाने पर काम कर रहा है ताकि शिपिंग दोबारा शुरू हो सके.

युद्ध और नाकेबंदी का आम जहाजों और भारत पर क्या असर हुआ?

अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी की वजह से Strait of Hormuz में व्यापार पूरी तरह रुक गया है. 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध ने समुद्री रास्तों को असुरक्षित बना दिया है. भारत के दो जहाजों पर भी हमला हुआ है, जिसके बाद भारत सरकार ने सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान से संपर्क किया है. इस संकट के बीच कुछ ठग फंसे हुए जहाजों को फर्जी मैसेज भेजकर क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे मांग रहे हैं.

विवरण जानकारी
फंसे हुए नाविकों की संख्या करीब 20,000
फंसे हुए जहाजों की संख्या 1,600 से ज्यादा
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
सीजफायर की अवधि 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026
भारतीय जहाजों पर हमला 2 जहाज (18 अप्रैल 2026)
US द्वारा मोड़े गए जहाज 27 जहाज
प्रभावित फ्रांसीसी जहाज CMA CGM Everglade