अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की उस योजना का कड़ा विरोध किया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात कही गई है। 13 जुलाई 2026 को Donald Trump ने सोशल मीडिया के माध्यम से घोषणा की थी कि वे ईरानी बंदरगाहों पर फिर से प्रतिबंध लगाएंगे और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% कार्गो शुल्क वसूलेंगे।

अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला

इस घोषणा के जवाब में IMO ने उसी दिन एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें समुद्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता पर जोर दिया गया है। IMO के स्पष्ट नियमों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी भी तरह का टोल या शुल्क लगाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। संगठन का मानना है कि इन रास्तों पर जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक या अतिरिक्त खर्चे के होना चाहिए।

IMO का आधिकारिक रुख

IMO महासचिव Arsenio Dominguez ने इस बात को बार-बार दोहराया है कि समुद्र के कानून से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की संधि के तहत कोई भी तटीय देश अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को बंद नहीं कर सकता और न ही वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कोई भेदभावपूर्ण शुल्क लगा सकता है। यह मामला दुनिया भर में शिपिंग और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.