अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। 13 जुलाई 2026 को अपनी 137वीं बैठक में IMO परिषद ने इस संबंध में एक प्रस्ताव अपनाया। यह फैसला अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में की गई उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क वसूलने की बात कही थी।
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समुद्री मार्ग पर नहीं लगेगा कोई भी टैक्स
IMO ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री मार्गों पर आवाजाही पूरी तरह से स्वतंत्र होनी चाहिए। संगठन ने अपने प्रस्ताव में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का अधिकार किसी भी तरह से बाधित या प्रतिबंधित नहीं होना चाहिए। इस मार्ग को पूरी तरह से टोल और अन्य शुल्कों से मुक्त रखा जाएगा। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज को इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने तथा सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तनाव के बीच सुरक्षा पर चिंता
ट्रंप ने 13 जुलाई को स्वयं को होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक बताते हुए यह शुल्क लगाने का सुझाव दिया था। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने के बदले में अमेरिका को इसका मुआवजा मिलना चाहिए। इस बीच, मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है, जहां वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौतों के टूटने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ओमान के प्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून किसी भी जलमार्ग से गुजरने पर शुल्क लगाने का समर्थन नहीं करते हैं।
