समुद्री रास्तों और जहाजों के आने-जाने को लेकर International Maritime Organization (IMO) ने एक बहुत बड़ी बात कही है। IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने साफ कर दिया है कि कोई भी देश अपनी मर्जी से अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को बंद नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इन रास्तों से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टैक्स, फीस या भेदभावपूर्ण शर्तें लगाना कानूनी तौर पर गलत है।

समुद्री रास्तों के लिए क्या हैं अंतरराष्ट्रीय नियम?

समुद्री रास्तों के लिए नियम United Nations Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) के तहत बनाए गए हैं। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • UNCLOS के Article 38(1) के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय रास्तों पर सभी जहाजों और विमानों को ‘ट्रांजिट पैसेज’ का अधिकार मिलता है।
  • यह अधिकार सभी जहाजों के लिए है, चाहे उनका मालिक कोई भी हो या वे किसी भी देश के हों।
  • तटवर्ती देश इन रास्तों को रोकने या बंद करने का अधिकार नहीं रखते हैं।
  • हालांकि, देश सुरक्षा और प्रदूषण रोकने के लिए नियम बना सकते हैं, लेकिन उन्हें IMO की मंजूरी लेनी होगी।

Strait of Hormuz और जहाजों की वर्तमान स्थिति क्या है?

IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने 27 अप्रैल 2026 को UN Security Council में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों की आजादी पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

  • TSS सिस्टम: Strait of Hormuz में 1968 से ही Traffic Separation Scheme (TSS) लागू है, जिसे Oman और Iran मिलकर चलाते हैं ताकि जहाज सुरक्षित निकल सकें।
  • फंसे हुए जहाज: खाड़ी में चल रहे तनाव की वजह से लगभग 20,000 नाविक और 2,000 जहाज Persian Gulf में फंसे हुए हैं।
  • खतरा: IMO ने देशों से अपील की है कि वे रास्तों से बारूदी सुरंगों और अन्य खतरों को हटाने में मदद करें ताकि जहाजों का आवागमन फिर से सुरक्षित हो सके।