फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात बहुत खराब हो गए हैं। यहाँ लगभग 20,000 नाविक 1,600 से 2,000 जहाजों में फंसे हुए हैं। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने इस संकट को लेकर दुनिया को चेतावनी दी है और इसे एक अभूतपूर्व संकट बताया है।

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यह पूरा मामला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर बमबारी की और फिर ईरान ने भी जवाबी हमले किए। इस लड़ाई की वजह से समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। ईरान ने समुद्री पहुंच को काफी सीमित कर दिया है और पानी में माइन्स बिछाए गए हैं, जिससे जहाजों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।

IMO ने पुष्टि की है कि अब तक समुद्री संपत्तियों पर 19 से 29 हमले हुए हैं। इन हमलों में कम से कम 10 से 11 लोगों की मौत हुई और 7 से 8 लोग घायल हुए। फंसे हुए जहाजों में बल्क कैरियर, कार्गो शिप, तेल और गैस टैंकर और 6 टूरिस्ट क्रूज जहाज शामिल हैं। इनमें से कुछ जहाजों को कब्जे में लेकर हिरासत में भी रखा गया है।

IMO के सेक्रेटरी जनरल Arsenio Dominguez ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एक योजना बनाई गई है, लेकिन इसके लिए एक व्यापक युद्धविराम या समझौता होना बहुत जरूरी है। जहाजों पर खाने-पीने के सामान, पानी और ईंधन की कमी होने लगी थी, जिसके लिए सुरक्षा आश्वासन मांगे गए थे।

जून 2026 के अंत तक IMO ने ईरान, ओमान और अमेरिका के साथ मिलकर कुछ आश्वासन प्राप्त किए हैं। अब इन देशों के सहयोग से 11,000 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com