Imran Khan के स्वास्थ्य को लेकर परिवार की चिंता, पाकिस्तान सरकार ने आरोपों को किया खारिज.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के स्वास्थ्य और उनकी जेल की स्थिति को लेकर उनके बेटों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके बेटे Kasim और Sulaiman Khan ने आरोप लगाया है कि पिछले सात महीनों से उन्हें अपने पिता से मिलने नहीं दिया जा रहा है और उनके वकीलों व निजी डॉक्टरों को भी उनसे संपर्क करने से रोका गया है। CNN को दी गई जानकारी के अनुसार, खान के बेटों को उनके पिता की बिगड़ती सेहत और आंखों की समस्याओं को लेकर काफी डर है।
स्वास्थ्य और जेल की स्थितियों पर विवाद
Amnesty International ने भी खान की जेल में कैद के तीन साल पूरे होने पर चिंता जाहिर की है। संस्था की कार्यकारी क्षेत्रीय निदेशक Isabelle Lassee ने कहा है कि खान को एक निष्पक्ष सुनवाई से वंचित रखा गया है और उन्हें लंबे समय तक अकेले जेल में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खान को पिछले आठ महीनों से परिवार से मिलने नहीं दिया गया है और दिसंबर 2025 से उन्हें कानूनी सलाह तक पहुंचने में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
इस मामले में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है। मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। सरकार का कहना है कि Imran Khan को जेल के नियमों और अदालती आदेशों के अनुसार नियमित मुलाकात की अनुमति दी जाती रही है। मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने आखिरी बार अपने बेटे से 21 मार्च 2026 को बात की थी। सरकार ने यह भी साफ किया कि खान की सेहत पूरी तरह से स्थिर है और उन्हें सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं समय पर मिल रही हैं।
वीजा और आगामी आंदोलनों पर सरकार की सफाई
खान के बेटों द्वारा वीजा न मिलने के आरोपों पर सरकार ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताया है। मंत्रालय का कहना है कि NICOP (National Identity Card for Overseas Pakistanis) रखने वाले किसी भी व्यक्ति को पाकिस्तान आने के लिए अलग से वीजा की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए ऐसी बातें केवल राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं।
इधर, Islamabad High Court ने खान और उनके बेटों के बीच हर दो हफ्ते में एक बार फोन पर बात करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, PTI पार्टी के अध्यक्ष Barrister Gohar Ali Khan ने घोषणा की है कि 5 अगस्त 2026 से Imran Khan और उनकी पत्नी Bushra Bibi Khan की रिहाई के लिए एक औपचारिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। देश में जारी इस उठापटक पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि खान की सेहत और उनकी रिहाई का मुद्दा इस समय पाकिस्तान की राजनीति का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।