Imran Khan Health: दुनिया भर के 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को लिखा खत, मांगी मेडिकल मदद।

दुनिया भर के क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर के 21 पूर्व कप्तानों ने मिलकर पाकिस्तान सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस खत के जरिए इन दिग्गजों ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान 73 वर्षीय Imran Khan के लिए तुरंत और स्वतंत्र मेडिकल देखभाल मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है। इस अपील पर हस्ताक्षर करने वाले दिग्गजों में Clive Lloyd, Kapil Dev, Sunil Gavaskar और Greg Chappell जैसे महान खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने मानवता और खेल भावना के नाते यह कदम उठाया है।
क्रिकेट दिग्गजों की मुख्य मांगें और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
इन तमाम पूर्व कप्तानों ने अपनी इस चिट्ठी में मुख्य रूप से तीन बड़ी बातें रखी हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गठित मेडिकल बोर्ड को तुरंत इमरान खान का पूरा स्वास्थ्य परीक्षण करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस मेडिकल बोर्ड में उनके निजी डॉक्टर और उनकी बहन Dr. Uzma Khan भी शामिल हैं, और इस जांच में विशेष तौर पर उनकी दाहिने आंख की रोशनी कम होने की खबरों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 अगस्त 2026 को दिए गए आदेश के तहत परिवार के लोगों को हर हफ्ते मिलने की जो अनुमति मिली थी, उसमें किसी भी तरह की प्रशासनिक रुकावट नहीं डाली जानी चाहिए। साथ ही, मेडिकल बोर्ड द्वारा जो भी इलाज सुझाया जाए, उसे बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए।
अस्पताल बदलने को लेकर विवाद और सीटी स्कैन न होना
यह पूरा मामला तब और ज्यादा चर्चा में आया जब 20 से 21 अगस्त 2026 के बीच अधिकारियों ने इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए Shifa International Hospital की बजाय सीधे सरकारी अस्पताल Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों और खासतौर पर हृदय रोग विशेषज्ञों ने दिल की संभावित परेशानियों के चलते सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी कराने की सलाह दी थी, लेकिन PIMS में यह जरूरी जांच नहीं की गई। इसके विपरीत, सरकार द्वारा नियुक्त डॉक्टरों की टीम ने उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ यानी फिट घोषित कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।
सियासत गरमाई और प्रधानमंत्री द्वारा जांच समिति का गठन
इमरान खान की पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने एंजियोग्राफी न होने पर कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर PIMS ले जाया गया ताकि जरूरी मेडिकल प्रक्रिया में रुकावट डाली जा सके। दूसरी तरफ, सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने 21 अगस्त को बयान दिया था कि शिफा इंटरनेशनल में सुरक्षा से जुड़ी कुछ समस्याएं थीं, जिसके कारण उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा। इन तमाम विवादों और सवालों के बीच प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस पूरी घटना की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। आपको बता दें कि इमरान खान अगस्त 2023 से लगातार जेल में बंद हैं, और इस साल यानी 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय की तरफ से सरकार को भेजा गया यह दूसरा ऐसा खत है।