Imran Khan Medical Order: पाकिस्तान सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, पीटीआई ने दी कोर्ट जाने की धमकी

Aanya21 August 20262 min read55 viewsWorld
Imran Khan Medical Order: पाकिस्तान सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, पीटीआई ने दी कोर्ट जाने की धमकी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के परिवार और उनकी राजनीतिक पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने देश की सरकार पर अदालत की अवमानना का गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरा मामला 21 अगस्त 2026 को हुए एक विवादित मेडिकल परीक्षण के बाद सामने आया है, जिसमें सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्देशों की अनदेखी करने की बात कही जा रही है। आम लोगों और समर्थकों के बीच यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इसमें देश के पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और अदालत के आदेशों का मुद्दा जुड़ा हुआ है।

अहमदाबाद और अदियाला जेल से जुड़ा पूरा घटनाक्रम

मामले की शुरुआत 18 अगस्त 2026 को हुई थी, जब Supreme Court of Pakistan ने एक स्पष्ट आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया था कि Imran Khan को Adiala Prison से निकालकर इस्लामाबाद के Shifa International Hospital में भर्ती कराया जाए। अदालत चाहती थी कि एक विशेष मेडिकल बोर्ड उनकी पूरी जांच करे, जिसमें उनके निजी डॉक्टर Dr. Faisal Sultan का शामिल होना अनिवार्य किया गया था। लेकिन तय योजना के उलट, 20 और 21 अगस्त 2026 की दरमियानी रात को अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री को कोर्ट के बताए निजी अस्पताल ले जाने के बजाय एक सरकारी अस्पताल Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) पहुंचा दिया। जांच के बाद उन्हें सुबह लगभग 5 बजे वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।

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परिवार और डॉक्टरों ने उठाए गंभीर सवाल

घटना के समय अस्पताल में मौजूद Imran Khan की बहन Uzma Khan ने मीडिया के सामने आकर भाई की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि उनके भाई ने उन्हें अकेले कमरे यानी solitary confinement में रखे जाने की बात कही और इसे मानसिक प्रताड़ना बताया। उजमा खान ने भाई के हवाले से कहा कि वे लोग उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। चिंता और तनाव के कारण उनका ब्लड प्रेशर भी काफी बढ़ा हुआ पाया गया। उधर, निजी अस्पताल में इंतजार कर रहे डॉक्टर Dr. Faisal Sultan ने पुष्टि की कि उन्हें बाद में बताया गया कि इमरान खान को बिना उनकी मौजूदगी और तय जांच के ही वापस जेल ले जाया गया।

सरकार का पक्ष और आगामी कानूनी कदम

दूसरी तरफ, देश के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा कि शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के पास पीटीआई समर्थकों की भारी भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं पैदा हो गई थीं। उन्होंने दावा किया कि PIMS में नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सक सहित कई विशेषज्ञों की टीम ने उनकी जांच की और उन्हें स्वस्थ घोषित किया। हालांकि, वरिष्ठ पीटीआई नेता Zulfikar Bukhari ने सरकार के इस बयान को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे एक दिखावा बताया। अब पीटीआई पार्टी इन घटनाओं के खिलाफ अदालत में अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

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