आयकर विभाग ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, कई करदाताओं को नोटिस भेजे हैं। ये नोटिस उन व्यक्तियों और कंपनियों को भेजे गए हैं, जिन्होंने 2021 और 2022 के वित्तीय वर्षों में, चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं, लेकिन पंजीकृत राजनीतिक दलों को दान दिए हैं।

ये नोटिस आयकर अधिनियम की धारा 80GGC के तहत जारी किए गए हैं, और एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि लगभग 5,000 नोटिस उपरोक्त वित्तीय वर्षों के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा, आने वाले दिनों में और अधिक नोटिस भेजे जाने की योजना है।

वर्तमान कर विनियमनों के अनुसार, करदाता एक पंजीकृत चुनावी ट्रस्ट या राजनीतिक दल को दान के लिए 100% कटौती का दावा करने के योग्य हैं, बशर्ते कि कुल कटौती व्यक्ति की कुल आय को पार न करे। हालांकि, जब दान घोषित आय के अनुरूप नहीं होते हैं, तो संदेह होता है कि इन राजनीतिक दलों ने दान की गई राशि का एक हिस्सा नकद में वापस किया होगा।

आयकर अधिनियम की धारा 80GGC समझिए

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80GGC भारतीय करदाताओं को उनके द्वारा राजनीतिक दलों को किए गए दान पर कर में छूट प्रदान करती है। इस धारा के अनुसार, एक व्यक्ति (जो कि कंपनी नहीं है) द्वारा किसी भी राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को किया गया योगदान पूर्णतः कर योग्य आय से घटाया जा सकता है, जिससे करदाता की कुल कर योग्य आय कम हो जाती है और इस प्रकार कर की देयता कम होती है।

हालाँकि, इसमें कुछ शर्तें और सीमाएँ हैं:

  1. दान का माध्यम: दान नकद में नहीं किया जा सकता; इसे चेक, ड्राफ्ट, बैंकिंग सिस्टम के जरिये, या इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से किया जाना चहिये।
  2. राजनीतिक दलों की परिभाषा: राजनीतिक दल का मतलब वह दल है जिसे भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्रदान की गई है।
  3. कोई ऊपरी सीमा नहीं: इस धारा के तहत दान की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, यानी करदाता अपनी कुल आय का कितना भी हिस्सा दान कर सकता है और उस पर कर छूट का दावा कर सकता है।
  4. कंपनियों के लिए लागू नहीं: यह धारा केवल व्यक्तिगत करदाताओं के लिए लागू होती है, कंपनियों और अन्य जुरिस्टिक व्यक्तियों पर लागू नहीं होती।
Lov Singh

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