Income Tax भर चुके लोगो को मिला बड़ा राहत. वापस शुरू हुआ रिफंड की सुविधा, 87A को लेकर जारी हुआ नोटिस.
आयकर विभाग ने उन टैक्सपेयर्स के लिए राहत की घोषणा की है जो वित्त वर्ष 2023-24 में सेक्शन 87A के तहत टैक्स छूट के हक़दार थे, लेकिन किसी वजह से इसे क्लेम नहीं कर पाए। 31 दिसंबर 2024 की रात, आयकर रिटर्न (ITR) ई-फाइलिंग पोर्टल पर यह जानकारी दी गई कि ऐसे लोग अब संशोधित (Revised) या Belated ITR फाइल करके इस छूट का फ़ायदा ले सकेंगे। यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें विभाग को योग्य टैक्सपेयर्स के लिए 87A छूट क्लेम करने की मोहलत बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।
ITR-2 और ITR-3 फॉर्म में जल्द होंगे बदलाव
आयकर विभाग जल्द ही ITR-2 और ITR-3 फॉर्म में तकनीकी बदलाव करेगा, ताकि वे लोग जो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) या किसी अन्य विशेष दर वाले इनकम से जुड़े हैं, और 87A छूट के पात्र हैं, वह इसे ऑनलाइन क्लेम कर सकें। दरअसल, 5 जुलाई 2024 के बाद इन फॉर्मों में 87A छूट का ऑप्शन बंद कर दिया गया था, जिससे बहुत से टैक्सपेयर्स को नोटिस का सामना करना पड़ा।
कौन ले सकता है 87A छूट?
- पुरानी टैक्स रेजीम में योग्य टैक्सपेयर्स अधिकतम 12,500 रुपये तक की छूट ले सकते हैं।
- नई टैक्स रेजीम में यह छूट 25,000 रुपये तक जा सकती है।
यह छूट उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय तय सीमा के अंदर आती है, जिससे उनका टैक्स जीरो या बेहद कम हो सकता है।
डेडलाइन 15 जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) ने एक सर्कुलर जारी करके बताया कि असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए रिज़िडेंट इंडिविजुअल्स (यानी भारत में रहने वाले व्यक्ति) अब 31 दिसंबर 2024 के बजाय 15 जनवरी 2025 तक संशोधित या Belated ITR फाइल कर सकते हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में यह ज़ोर दिया था कि 87A छूट के योग्य सभी टैक्सपेयर्स को पूरा मौका मिलना चाहिए।
बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 20 दिसंबर 2024 को जारी अपने आदेश में कहा था कि विभाग को सेक्शन 119 के तहत नोटिफिकेशन जारी कर, 31 दिसंबर से आगे कम से कम 15 जनवरी 2025 तक की मोहलत देनी होगी, ताकि जिन टैक्सपेयर्स की आय 87A के तहत छूट के दायरे में आती है, वे इस छूट को क्लेम कर सकें।
क्या थी समस्या?
5 जुलाई 2024 के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म की उपयोगिता (Utility Software) में ऐसा बदलाव किया गया था जिससे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन या अन्य विशेष दरों से टैक्स चुकाने वालों को 87A की छूट का विकल्प ही नहीं मिल रहा था। इससे ऐसे तमाम लोग, जिनकी आय छूट की सीमा में आती थी, उन्हें भी अधिक टैक्स देना पड़ रहा था, या वे नोटिस का सामना कर रहे थे।
विशेषज्ञों की राय
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि बॉम्बे हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश और उसके बाद CBDT के नोटिफिकेशन से लाखों टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी। अब विभाग दोबारा ITR-2 और ITR-3 फॉर्म को अपडेट करेगा, ताकि विशेष दर पर टैक्सेबल इनकम वाले व्यक्ति भी 87A के तहत छूट क्लेम कर पाएं।
क्या करें टैक्सपेयर्स?
- अगर आपने अब तक ITR फाइल नहीं की है या 87A छूट को मिस कर दिया है, तो संशोधित (Revised) या Belated रिटर्न फ़ाइल करके फ़ायदा ले सकते हैं।
- इसके लिए 15 जनवरी 2025 की नई डेडलाइन तय की गई है।
- ITR-2 या ITR-3 इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स को यह ध्यान रखना होगा कि पोर्टल पर अपलोड होने वाले नए अपडेटेड फॉर्म का इंतज़ार करें।
- किसी भी संदेह या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स कंसल्टेंट से सलाह जरूर लें।
87A टैक्स छूट विवाद के चलते कई लोगों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ आ रहा था या फिर उन्हें नोटिस मिल रहे थे। बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद CBDT ने डेडलाइन बढ़ाकर इस समस्या का अंतरिम समाधान दिया है। अब टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे नए अपडेटेड फॉर्म जारी होने के बाद जल्द से जल्द अपना रिटर्न संशोधित करें या Belated रिटर्न फाइल करके 87A की छूट का लाभ उठाएँ।





