हाल ही में ओमान सरकार ने व्यक्तिगत इनकम टैक्स (personal income tax) लगाने की योजना बनाई है. ओमान सरकार का यह प्रयास देश की अर्थव्यवस्था को हाइड्रोकार्बन (तेल और गैस) पर निर्भरता से हटाकर अधिक विविध और स्थिर आर्थिक मॉडल की ओर ले जाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है.

2028 से लागू होगा personal income tax

ओमान के द्वारा लगाए जाने वाला व्यक्तिगत इनकम टैक्स तेल-समृद्ध खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह सदस्य देशों में पहला ऐसा कदम होगा. 5% का यह व्यक्तिगत आयकर 2028 से लागू होगा, और यह केवल उन लोगों पर लागू होगा जिनकी वार्षिक आय $109,000 (लगभग ₹91 लाख) से अधिक है — यानी ओमान के शीर्ष 1% आय वर्ग पर. यह योजना रविवार, 22 जून 2025 को एक शाही फ़रमान (Royal Decree) के माध्यम से जारी की गई थी.

अन्य खाड़ी देश भी इस राह पर चलेंगे या नहीं 

हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि ओमान की इस पहल के बाद क्षेत्र के अन्य देश भी इसी राह पर चलेंगे या नहीं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने यह भविष्यवाणी की है कि आने वाले सालों में खाड़ी देशों को अपने सरकारी राजस्व में विविधता लाने के लिए नए कर लागू करने की आवश्यकता पड़ सकती है. अब तक आयकर की अनुपस्थिति खाड़ी क्षेत्र के लिए विकास का एक लाभकारी पक्ष रही है, जिससे बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों को आकर्षित करने में मदद मिली है.

लेकिन ओमान के लिए, व्यक्तिगत आयकर की शुरुआत वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता देने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे राजस्व स्रोतों में विविधता आएगी और देश को वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में होने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी.

ओमान की व्यापक ‘विज़न 2040’ योजना

2020 में, देश ने सार्वजनिक ऋण को कम करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया था. श्री अल-साकरी के अनुसार, यह कदम ओमान की व्यापक ‘विज़न 2040’ योजना का हिस्सा है.