भारत ने 24 जून 2026 को 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया। इस मौके पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि अब पासपोर्ट बनवाना पहले से कहीं ज़्यादा आसान और तेज़ हो गया है। सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया है ताकि आम लोगों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को कोई परेशानी न हो।
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ई-पासपोर्ट और नई डिजिटल सुविधाएँ
सरकार ने अब चिप वाले ई-पासपोर्ट (e-Passports) शुरू कर दिए हैं। नए बन रहे सभी पासपोर्ट अब इसी तकनीक से आएंगे। इन पासपोर्ट्स में एक RFID चिप लगी होती है, जिसमें आपकी निजी और बायोमेट्रिक जानकारी सुरक्षित रहती है। इससे एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया तेज़ हो जाएगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। जिन लोगों के पास पुराने पासपोर्ट हैं, वे उनकी समय सीमा खत्म होने तक मान्य रहेंगे।
विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए खुशखबरी
खासकर खाड़ी देशों और दुनिया भर में रह रहे भारतीयों के लिए Global Passport Seva Programme (GPSP V2.0) लॉन्च किया गया है। इसे 28 अक्टूबर 2025 को भारतीय दूतावासों और काउंसलेट्स में लागू किया गया ताकि प्रवासी भारतीयों को पासपोर्ट सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।
पासपोर्ट सेवाओं में आए बड़े बदलाव
- पासपोर्ट की संख्या: साल 2013-14 में जहाँ 83 लाख पासपोर्ट बनते थे, वह संख्या अब साल 2025-26 तक बढ़कर 138 लाख से ज़्यादा हो गई है।
- पहुँच में विस्तार: अब देश में 545 से ज़्यादा सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र और 454 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSKs) शामिल हैं। गाँव के लोगों के लिए पासपोर्ट मोबाइल वैन की सुविधा भी दी गई है।
- तेज़ पुलिस वेरिफिकेशन: mPassport Police App के आने से अब पुलिस वेरिफिकेशन का काम 5 से 7 दिनों में पूरा हो जाता है।
- आसान पेमेंट और मदद: अब पासपोर्ट के लिए UPI या QR कोड से पेमेंट किया जा सकता है। साथ ही मदद के लिए AI चैट और वॉइस बॉट्स की सुविधा भी जोड़ी गई है।
15 फरवरी 2026 से लागू हुए नए नियम
पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया गया है जिससे कागजी कार्रवाई कम हो गई है। अब आधार और अन्य सरकारी आईडी को मुख्य सबूत माना जाएगा। ज़्यादातर मामलों में अब कई सारे सर्टिफिकेट फिजिकल जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के ज़रिए पासपोर्ट सेवा अब देश के दूर-दराज इलाकों तक पहुँच गई है। विदेश मंत्रालय का मुख्य लक्ष्य “सुरक्षित पासपोर्ट, सुगम सेवा, सशक्त नागरिक” है।
