India Agriculture Update: कम बारिश और पश्चिम एशिया युद्ध से किसानों की बढ़ी टेंशन, फसलों की पैदावार और कमाई घटेगी
भारत के किसानों के लिए आने वाला समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है. मौसम विभाग ने 2026 के मानसून में कम बारिश का अनुमान जताया है. साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से खाद और खेती के सामान महंगे हो सकते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम लोगों की कमाई पर बुरा असर पड़ सकता है.
मानसून और बारिश का क्या हाल रहेगा?
IMD ने 2026 के मानसून के लिए पहली रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया गया है कि बारिश सामान्य से कम यानी केवल 92 प्रतिशत हो सकती है. पिछले 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि शुरुआती अनुमान इतना कम हो. इससे खरीफ और रबी की फसलों की पैदावार कम होने का डर है, जिसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ेगा.
खाद की किल्लत और महंगाई का खतरा क्यों है?
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से गैस की सप्लाई में रुकावट आ रही है. खेती के लिए जरूरी खाद बनाने में गैस का इस्तेमाल होता है, इसलिए खाद महंगी हो सकती है या मिलने में दिक्कत हो सकती है. ICRA और Systematix जैसी कंपनियों का मानना है कि इससे खाने-पीने की चीजें महंगी होंगी और महंगाई 4.5 प्रतिशत के पार जा सकती है.
खेती और मौसम से जुड़े जरूरी आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा/अनुमान |
|---|---|
| मानसून बारिश का अनुमान (2026) | 92% (LPA का) |
| कम बारिश की संभावना | 31% से 35% |
| El Niño आने की संभावना | 62% |
| खेती GVA ग्रोथ अनुमान (FY2027) | 3.0% |
| अनाज का स्टॉक (गेहूँ और चावल) | 60.7 मिलियन टन |
मौसम विभाग मई 2026 के आखिरी हफ्ते में मानसून की अपडेटेड रिपोर्ट जारी करेगा. फिलहाल अनाज का सरकारी स्टॉक काफी अच्छा है, लेकिन जल्दी खराब होने वाली फसलों और सब्जियों के व्यापार पर युद्ध का असर पड़ सकता है.