भारत जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर आई है। भारत सरकार ने देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच के नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। चाहे वह वैश्विक स्तर पर फैले इबोला वायरस को लेकर मेडिकल स्क्रीनिंग हो या सामान से जुड़े कस्टम के कड़े नियम, अब जरा सी भी लापरवाही यात्रियों को बड़ी मुश्किल में डाल सकती है। खाड़ी देशों से अक्सर भारत यात्रा करने वाले प्रवासियों को इन बदलावों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए ताकि यात्रा के दौरान किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

इबोला वायरस को लेकर हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग और नए नियम

भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच को काफी सख्त कर दिया गया है। हवाई स्वास्थ्य संगठन यानी APHO ने विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  • थर्मल स्क्रीनिंग: सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के शरीर का तापमान जांचा जाएगा ताकि बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की जा सके।
  • सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म: यात्रियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, संपर्क नंबर, पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देने वाला फॉर्म भरना होगा।
  • आइसोलेशन व्यवस्था: यदि किसी यात्री का तापमान अधिक पाया जाता है या उसमें बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत हवाई अड्डे पर अलग करके जांच के लिए आरएमएल अस्पताल भेजा जाएगा।

कस्टम नियम और प्रतिबंधित सामान को लेकर कड़े निर्देश

भारतीय विमानपत्तन सुरक्षा ब्यूरो ने सामान को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ कोई भी प्रतिबंधित सामान न लाएं।

  • सैटेलाइट फोन पर प्रतिबंध: भारत में बिना अनुमति सैटेलाइट फोन या जीपीएस डिवाइस लाना पूरी तरह से अवैध है। ऐसा करने पर 2 लाख डॉलर तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल हो सकती है।
  • कस्टम घोषणा पत्र: सभी यात्रियों को विमान से उतरने से पहले कस्टम घोषणा पत्र भरना होगा। यदि आपके पास तय सीमा से अधिक शराब, सिगरेट या सोना-चांदी है, तो रेड चैनल का उपयोग करें। नियमों को छिपाने पर सामान जब्त किया जा सकता है।
  • हैंड बैगेज नियम: हैंड बैग में 100ml से अधिक लिक्विड, नुकीली वस्तुएं या क्षमता से अधिक के पावर बैंक ले जाने की अनुमति नहीं है।

पासपोर्ट, वीजा और जरूरी दस्तावेज की अनिवार्यता

भारत में प्रवेश के लिए यात्रियों के पास वैध वीजा या ई-टूरिस्ट वीजा होना जरूरी है। पासपोर्ट की वैधता वीजा आवेदन की तारीख से कम से कम छह महीने आगे तक होनी चाहिए और उसमें कम से कम दो खाली पन्ने होने चाहिए। सभी यात्रियों के लिए ऑनलाइन अराइवल फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया है, जिसे यात्रा से 72 घंटे पहले तक जमा किया जा सकता है। सुरक्षा जांच को आसान बनाने के लिए बोर्डिंग पास और पहचान पत्र को पहले से तैयार रखें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या भारत पहुंचने पर सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच होगी?

हां, नए सुरक्षा नियमों के तहत सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और सभी को अपनी यात्रा हिस्ट्री के साथ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है।

भारत में सैटेलाइट फोन ले जाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

भारत में बिना अनुमति के सैटेलाइट फोन या जीपीएस डिवाइस रखना गैरकानूनी है। नियमों का उल्लंघन करने पर यात्री पर 2 लाख डॉलर तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल हो सकती है।

कस्टम विभाग के रेड चैनल और ग्रीन चैनल में क्या अंतर है?

ग्रीन चैनल उन यात्रियों के लिए है जिनके पास सीमा के भीतर सामान है, जबकि रेड चैनल उन यात्रियों के लिए है जो सीमा से अधिक मूल्य का सोना, शराब या अन्य घोषित करने योग्य सामान लेकर आ रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.