खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों में भारतीय नाविकों के लिए खतरा बढ़ गया है. पिछले कुछ दिनों में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर तीन बड़े हमले हुए हैं, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई है. भारत सरकार ने अब अपनी सभी संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया है.
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समुद्री हमलों का सिलसिला और नुकसान
पिछले एक हफ्ते में भारतीय चालक दल वाले टैंकरों पर तीन हमले हुए हैं. 9 जून 2026 को MT Settebello नाम के जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई. शिपिंग मंत्री सर्बनंद सोनोवाल ने इसे समुद्री परिवार के लिए एक बड़ी क्षति बताया. इससे पहले 8 जून को MT Marivex पर हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नागरिक सवार थे, जिन्हें ओमान की अथॉरिटी ने सुरक्षित बचा लिया. वहीं 11 जून को MT Jalveer नाम के जहाज के साथ भी एक घटना हुई है, जिसकी जानकारी अभी आ रही है.
सरकार ने उठाए ये जरूरी कदम
भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) और शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है. सरकार ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे संघर्ष वाले इलाकों से गुजरते समय बहुत सावधानी बरतें. इसके अलावा, Seafarers Welfare Fund Society (SWFS) ने ऐलान किया है कि मृतक नाविकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस मामले में अमेरिका के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाकर कड़ा विरोध जताया है. वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के दूत पी. हरीश ने सभी देशों से संयम बरतने और समुद्री रास्तों, खासकर बाब अल-मन्डेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा करने की अपील की है.
नाविकों की वर्तमान स्थिति
खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम कर रहे हैं, जिनके लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. वर्तमान आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाज | 13 |
| फंसे हुए भारतीय नाविकों की संख्या | 562 |
| पूरे खाड़ी क्षेत्र में अनुमानित भारतीय नाविक | 18,000 से अधिक |
| हमलों में जान गंवाने वाले नाविक | 3 |
| मृतक परिवार को मिलने वाली सहायता | 10 लाख रुपये |
| घटनाओं की तारीखें | 8, 9 और 11 जून 2026 |
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी भलाई सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. सभी शिपिंग कंपनियों और जहाज प्रबंधकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
