भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है कि अब नियंत्रण रेखा (LoC) के पार कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। 7 मई 2026 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना और वायु सेना के बड़े अधिकारियों ने साफ किया कि भारत आतंकी कैंपों और लॉन्च पैड्स की पहचान कर चुका है। भारत अब अपनी सुविधा और समय के अनुसार इन ठिकानों को नष्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारतीय सेना और वायु सेना ने क्या चेतावनी दी है?
- Lt Gen Rajiv Ghai (डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ – स्ट्रेटेजी) ने कहा कि PoJK और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार बने आतंकी क्लस्टर्स अब सुरक्षित नहीं हैं।
- सेना ने बताया कि आतंकी कैंप अब पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन भारत की नजर उन पर है।
- Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti ने इस बात को दोहराया कि भारत आतंकियों के हर ठिकाने का पीछा करेगा और उन्हें खत्म करेगा।
- अधिकारियों ने साफ किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक शुरुआत थी और आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी।
सिंधु जल संधि और पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर क्या बोले अधिकारी?
इस कॉन्फ्रेंस में केवल सैन्य कार्रवाई की बात नहीं हुई, बल्कि कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश भी दिए गए। बाहरी मामलों के मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की कि पाकिस्तान की आतंकवाद वाली नीति के कारण सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को फिलहाल स्थगित रखा गया है।
इसके अलावा, Lt Gen Rajiv Ghai ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर द्वारा खुद को ‘फील्ड मार्शल’ बनाने की बात पर हैरानी जताई। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “new normal” का जिक्र किया, जिसका मतलब है कि अब भारत खुद तय करेगा कि आतंकियों को कब, कैसे और कहाँ मारना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) क्या था?
यह भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक सैन्य ऑपरेशन था, जिसकी पहली बरसी 7 मई 2026 को मनाई गई।
सिंधु जल संधि को लेकर भारत का क्या फैसला है?
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने की वजह से इस संधि को फिलहाल स्थगित (abeyance) कर दिया गया है।