India Aviation Update: ईरान युद्ध से भारत की फ्लाइट्स पर पड़ा बुरा असर, टिकट महंगे हुए और रूट बदले, अब सफर में लगेगा ज़्यादा समय
ईरान और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारत के विमानन क्षेत्र में बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। आसमान के कई रास्ते बंद होने से एयरलाइन्स को लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे तेल का खर्चा और समय दोनों बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है और टिकटों के दाम बढ़ रहे हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं हवाई टिकट के दाम और सफर का समय?
DGCA ने पायलटों को ईरान, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत समेत 11 देशों के हवाई रास्तों से बचने की सलाह दी है। इस वजह से विमानों को घुमाकर जाना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय 15 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसके अलावा जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिसके कारण IndiGo और Air India जैसी कंपनियों ने किराए में बढ़ोतरी की है।
एयरलाइन्स और यात्रियों पर इसका क्या असर हुआ है?
अब तक भारत की एयरलाइन्स की 10,000 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं। मिडिल ईस्ट जाने वाली रोज़ाना उड़ानें जो पहले 300-350 हुआ करती थीं, अब घटकर सिर्फ 80-90 रह गई हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान के ड्रोन हमलों ने स्थिति को और खराब कर दिया है, जिससे वहां के ईंधन डिपो में आग लग गई।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अनुमानित नुकसान (ICRA) | 17,000 से 18,000 करोड़ रुपये (FY 2025-26) |
| अतिरिक्त तेल बिल | लगभग 9.7 बिलियन डॉलर (92,000 करोड़ रुपये) |
| रद्द फ्लाइट्स | 10,000 से ज़्यादा |
| प्रभावित हवाई क्षेत्र | 11 हाई-रिस्क देश |
| रोज़ाना फ्लाइट्स (पहले) | 300-350 |
| रोज़ाना फ्लाइट्स (अब) | 80-90 |
| उड़ान का समय बढ़ा | 15 से 40 प्रतिशत |